11 हजार वोल्ट के साए में जिंदगी! हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर खेतों के ऊपर मौत बनकर झूल रही हाईटेंशन लाइन,, धनपुरा-पदार्थ के बीच सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी; महज 6 फीट की ऊंचाई पर लटके तारों से किसानों, राहगीरों और पशुओं पर मंडरा रहा खतरा,, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा— क्या ऊर्जा निगम किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? शिकायतों के बावजूद नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई,,

11 हजार वोल्ट के साए में जिंदगी! हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर खेतों के ऊपर मौत बनकर झूल रही हाईटेंशन लाइन,,
धनपुरा-पदार्थ के बीच सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी; महज 6 फीट की ऊंचाई पर लटके तारों से किसानों, राहगीरों और पशुओं पर मंडरा रहा खतरा,,
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा— क्या ऊर्जा निगम किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? शिकायतों के बावजूद नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई,,
पथरी/हरिद्वार। हरिद्वार-लक्सर मुख्य मार्ग पर ग्राम धनपुरा और पदार्थ के बीच स्थित एक खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन क्षेत्रवासियों के लिए भय और चिंता का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार लाइन इतनी नीचे झूल रही है कि उसकी ऊंचाई जमीन से मात्र छह से सात फीट के आसपास रह गई है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका लगातार बनी हुई है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि जिस स्थान से यह लाइन गुजर रही है, वहां प्रतिदिन खेती-बाड़ी का कार्य होता है। खेतों में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की आवाजाही बनी रहती है। इसके अलावा मजदूरों और किसानों का दिनभर आना-जाना लगा रहता है। ऐसी स्थिति में हाईटेंशन लाइन का इतनी कम ऊंचाई पर होना सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि नीचे लटकते तार दूर से ही स्पष्ट दिखाई देते हैं, इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों का इस ओर ध्यान न जाना कई सवाल खड़े करता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार यह क्षेत्र वन्यजीवों की आवाजाही वाला इलाका भी है। विशेष रूप से हाथियों का आवागमन समय-समय पर बना रहता है। ऐसे में यह लाइन न केवल इंसानों बल्कि पशुओं और वन्यजीवों के लिए भी बड़ा खतरा बन चुकी है। यदि कोई जानवर या कृषि उपकरण तारों की चपेट में आ गया तो उसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने मौके का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को सार्वजनिक किया था, जिसके बाद यह मुद्दा चर्चा में आया। बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते लाइन को सुरक्षित ऊंचाई पर नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल तकनीकी टीम भेजकर मौके का निरीक्षण कराया जाए और हाईटेंशन लाइन को सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थित किया जाए। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते खतरे को समाप्त किया जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विभाग किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, या फिर लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द कोई ठोस कदम उठाएगा? क्षेत्रवासियों की निगाहें अब प्रशासन और ऊर्जा निगम की कार्रवाई पर टिकी हैं।



