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कुम्भ-2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, प्रमुख मंदिरों तक बनेंगे आधुनिक पैदल मार्ग और फुटपाथ,, मेलाधिकारी सोनिका ने विकास कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिए सख्त निर्देश,, कांवड़ यात्रा से पहले पूरे होंगे प्राथमिक कार्य, करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित आवागमन पर सरकार का विशेष फोकस

कुम्भ-2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, प्रमुख मंदिरों तक बनेंगे आधुनिक पैदल मार्ग और फुटपाथ,,

मेलाधिकारी सोनिका ने विकास कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिए सख्त निर्देश,,

कांवड़ यात्रा से पहले पूरे होंगे प्राथमिक कार्य, करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित आवागमन पर सरकार का विशेष फोकस

हरिद्वार, 06 जुलाई। कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में आधारभूत सुविधाओं के विकास का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मंदिरों तक आधुनिक पैदल मार्गों और फुटपाथों का निर्माण एवं नवीनीकरण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सोमवार को मेलाधिकारी सोनिका ने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की प्रतिष्ठा और व्यवस्थाओं की परीक्षा भी है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने भगत सिंह चौक से बिल्केश्वर महादेव मंदिर होते हुए मनसा देवी मंदिर तक जाने वाले मार्ग का जायजा लिया। उन्होंने मार्ग चौड़ीकरण, मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और निर्माणाधीन फुटपाथों की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक पैदल मार्ग उपलब्ध कराना मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसके बाद मेलाधिकारी ने मनसा देवी मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों और सीढ़ियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जहां-जहां मरम्मत अथवा सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, वहां तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कुम्भ जैसे विशाल आयोजन में प्रभावी भीड़ प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के लिए वैकल्पिक निकासी मार्गों का विकास अत्यंत आवश्यक है।

मेलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वर्तमान में चल रहे पैदल मार्ग और फुटपाथ निर्माण के कार्य आगामी कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं, ताकि कांवड़ यात्रियों और आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर कांवड़ यात्रा के कारण फिलहाल निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकते, वहां यात्रा समाप्त होते ही कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं, जिससे कुम्भ-2027 की तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती रहें।

निरीक्षण के क्रम में मेलाधिकारी ने अपर रोड क्षेत्र का भी भ्रमण किया। यहां उन्होंने गलियों के सुधार, पैदल आवागमन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने, सौंदर्यीकरण तथा नागरिक सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

कुम्भ मेला-2027 के लिए राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण अवस्थापना परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें चंडी देवी मंदिर के लिए तीर्थयात्री-अनुकूल सुविधाओं एवं पहुंच मार्ग के विकास के प्रथम चरण पर 3.53 करोड़ रुपये, मनसा देवी मंदिर के रूट-1 एवं रूट-2 के विकास पर 2.18 करोड़ रुपये, हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों को हर की पैड़ी से जोड़ने वाले पैदल-अनुकूल फुटपाथ निर्माण पर 7.84 करोड़ रुपये, बंगाली मोड़ से झंडा चौक, श्रीयंत्र मंदिर और बूढ़ी माता मंदिर तक मार्ग नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण पर 3.94 करोड़ रुपये, शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक और आर्यनगर चौक के आंतरिक मार्गों के नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण पर 6.44 करोड़ रुपये, शंकराचार्य चौक से कनखल थाना होते हुए देशरक्षक तिराहे तक मार्ग सुधार पर 3.93 करोड़ रुपये तथा ज्वालापुर-ललताराव-चंडीघाट मार्ग के नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण पर 4.27 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं।

इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं को चंडी देवी, मनसा देवी, हर की पैड़ी और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित पैदल आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही कुम्भ मेला-2027 के दौरान भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और हरिद्वार के आधारभूत ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने में भी इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, मेला अधिष्ठान के तकनीकी प्रकोष्ठ के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे। मेला प्रशासन का कहना है कि कुम्भ-2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी विकास कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि समय से पहले सभी परियोजनाएं पूरी कर श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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