हरिद्वार में वन महोत्सव का शुभारंभ, जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने किया पौधरोपण,, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने जिला कारागार में रोपे पौधे, पर्यावरण संरक्षण को बनाया जनआंदोलन,, कनखल के मेडिकल स्टोरों पर सचिव सिमरनजीत कौर का औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

हरिद्वार में वन महोत्सव का शुभारंभ, जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने किया पौधरोपण,,
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने जिला कारागार में रोपे पौधे, पर्यावरण संरक्षण को बनाया जनआंदोलन,,
कनखल के मेडिकल स्टोरों पर सचिव सिमरनजीत कौर का औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
हरिद्वार, 4 जुलाई। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार 1 जुलाई से संचालित वन महोत्सव अभियान के तहत शनिवार को हरिद्वार में पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े दो बड़े अभियान एक साथ देखने को मिले। एक ओर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रोशनाबाद परिसर में माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नरेंद्र दत्त ने पौधरोपण कर वन महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया, वहीं दूसरी ओर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर ने जिला कारागार हरिद्वार में पौधरोपण करने के साथ-साथ कनखल क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की भी पड़ताल की।
वन महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर जनपद न्यायाधीश श्री नरेंद्र दत्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पौधे लगाना पहला कदम है, लेकिन उन्हें सुरक्षित रखकर वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों से इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। कार्यक्रम के दौरान स्थायी लोक अदालत हरिद्वार की माननीय अध्यक्ष श्रीमती नीतू जोशी (न्यायाधीश) ने भी परिसर में पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प ले तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
इस अभियान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर की भूमिका भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने जिला कारागार हरिद्वार पहुंचकर पौधरोपण किया तथा जेल प्रशासन, कर्मचारियों और उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हरियाली बढ़ाना केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं बल्कि मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प है।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के एल.ए.डी.सी. अधिवक्तागण, न्यायालय स्टाफ, लॉ इंटर्न्स एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वन महोत्सव के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सख्त नजर
पर्यावरण संरक्षण अभियान के साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर ने जनहित से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग एवं जिला औषधि निरीक्षक की संयुक्त टीम के साथ कनखल क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दवाओं की उपलब्धता, रिकॉर्ड संधारण, लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों तथा आवश्यक मानकों का गहन परीक्षण किया गया।
निरीक्षण में जहां-जहां अनियमितताएं और प्रक्रियागत कमियां मिलीं, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। सचिव सिमरनजीत कौर ने स्पष्ट किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप दवाएं उपलब्ध कराना संबंधित संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं औषधि निरीक्षक की टीम को निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोरों पर नियमित और प्रभावी निरीक्षण जारी रखा जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एक ही दिन पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य जैसे दो महत्वपूर्ण विषयों पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सक्रिय पहल ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि न्यायिक संस्थाएं केवल न्यायिक दायित्वों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज, पर्यावरण और आमजन के हितों की रक्षा के लिए भी पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं। वन महोत्सव के माध्यम से हरियाली बढ़ाने का संदेश और मेडिकल स्टोरों के औचक निरीक्षण के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, दोनों अभियानों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूती से सामने रखा।



