दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर उठे सवाल! पहली बारिश में बहने लगी मिट्टी, स्थानीय लोगों ने जताई चिंता,, “हजारों करोड़ की परियोजना या निर्माण में लापरवाही?” — अमानतगढ़ के पास फ्लाईओवर और साइड स्लोप से पानी के साथ बह रही भराव मिट्टी, लोगों ने उठाए गंभीर सवाल,, “उद्घाटन को डेढ़ महीना भी नहीं हुआ” — प्रधानमंत्री मोदी ने किया था लोकार्पण, अब पहली बरसात में दिखीं खामियां, जांच और सुधार की उठी मांग,,

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर उठे सवाल! पहली बारिश में बहने लगी मिट्टी, स्थानीय लोगों ने जताई चिंता,,
“हजारों करोड़ की परियोजना या निर्माण में लापरवाही?” — अमानतगढ़ के पास फ्लाईओवर और साइड स्लोप से पानी के साथ बह रही भराव मिट्टी, लोगों ने उठाए गंभीर सवाल,,
“उद्घाटन को डेढ़ महीना भी नहीं हुआ” — प्रधानमंत्री मोदी ने किया था लोकार्पण, अब पहली बरसात में दिखीं खामियां, जांच और सुधार की उठी मांग,,
सोनु राणा छुटमलपुर… देश की महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह इसकी रफ्तार नहीं बल्कि निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल हैं। करीब डेढ़ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित इस एक्सप्रेस-वे पर पहली ही बारिश के बाद ऐसे दृश्य सामने आए हैं, जिन्होंने स्थानीय लोगों और राहगीरों को चिंतित कर दिया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि हल्की बारिश के बाद एक्सप्रेस-वे के किनारों से पानी के साथ बड़ी मात्रा में भराव की मिट्टी बह रही है। खासकर अमानतगढ़ क्षेत्र के पास बने फ्लाईओवर और ढलान वाले हिस्सों में मिट्टी कटाव साफ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि जहां करोड़ों नहीं बल्कि हजारों करोड़ रुपये खर्च कर इस आधुनिक एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया गया, वहां पहली ही बरसात में ऐसी स्थिति सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फ्लाईओवर के किनारों से तेज गति से पानी बह रहा है और उसके साथ मिट्टी भी लगातार नीचे आ रही है। कई स्थानों पर कटाव के निशान दिखाई देने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में सड़क की मजबूती प्रभावित हो सकती है और बड़े हादसों की आशंका भी बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को देश की सबसे आधुनिक और अत्याधुनिक सड़क परियोजनाओं में शामिल किया गया है। उद्घाटन के दौरान इसे विश्वस्तरीय तकनीक से निर्मित और अत्यंत मजबूत बताया गया था। लेकिन पहली ही बारिश के बाद सामने आए इन दृश्यों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल निकासी व्यवस्था और ढलानों की सुरक्षा मजबूत होती तो इस तरह मिट्टी का बहाव नहीं होता। लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
अब सबकी नजर प्रशासन और निर्माण एजेंसी की प्रतिक्रिया पर टिकी है। सवाल यह है कि क्या यह सामान्य प्राकृतिक कटाव है या फिर निर्माण कार्य में कहीं कोई तकनीकी कमी रह गई है? आने वाले दिनों में जांच और विभागीय रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल पहली ही बारिश में सामने आई तस्वीरों ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और दीर्घकालिक मजबूती को लेकर नई बहस छेड़ दी है।



