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अकोड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान बसंती देवी पर अनियमितताओं के चलते डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा एक्शन! डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह की निष्पक्ष जांच और संस्तुति पर डीएम मयूर दीक्षित का जीरो टॉलरेंस , बसंती देवी ग्राम प्रधान पद से हटाई गईं,, “सड़क निर्माण, भुगतान और अभिलेखों पर उठे सवाल” — जांच में ग्राम निधि के उपयोग और रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में मिली गंभीर कमियां,, “जनता के पैसे का हिसाब अब होगा साफ” — ग्राम पंचायत अकोड़ा खुर्द प्रकरण में आगे वसूली और वैधानिक कार्रवाई की तैयारी, प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप,,

अकोड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान बसंती देवी पर अनियमितताओं के चलते डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा एक्शन! डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह की निष्पक्ष जांच और संस्तुति पर डीएम मयूर दीक्षित का जीरो टॉलरेंस , बसंती देवी ग्राम प्रधान पद से हटाई गईं,,

“सड़क निर्माण, भुगतान और अभिलेखों पर उठे सवाल” — जांच में ग्राम निधि के उपयोग और रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में मिली गंभीर कमियां,,

“जनता के पैसे का हिसाब अब होगा साफ” — ग्राम पंचायत अकोड़ा खुर्द प्रकरण में आगे वसूली और वैधानिक कार्रवाई की तैयारी, प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप,,

लक्सर/हरिद्वार। ग्राम पंचायत अकोड़ा खुर्द में विकास कार्यों और ग्राम निधि के उपयोग को लेकर उठी शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह की जांच और संस्तुति के आधार पर जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने की कार्रवाई की है।मामला ग्राम पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों, सीसी सड़क निर्माण, भुगतान प्रक्रिया और अभिलेखों से जुड़ी अनियमितताओं से संबंधित बताया जा रहा है। शिकायत के बाद कराई गई जांच में कई बिंदुओं पर कमियां सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की।

जांच में यह बात सामने आई कि कुछ निर्माण कार्यों को लेकर गुणवत्ता और प्रक्रिया संबंधी सवाल उठे थे। वहीं अभिलेखों को समय पर उपलब्ध न कराए जाने और आवश्यक दस्तावेजों में स्पष्टता न होने से मामला और गंभीर हो गया। प्रशासन ने माना कि पंचायत स्तर पर रिकॉर्ड संधारण और जवाबदेही में कमी रही।

डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट और संस्तुति के बाद जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ग्राम निधि के उपयोग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी धन जनता के विकास के लिए है और उसका उपयोग नियमों के अनुरूप ही होना चाहिए।

इस प्रकरण में सड़क निर्माण, भुगतान और अभिलेखों से जुड़े कई सवाल प्रशासन के सामने आए। जांच के दौरान यह भी देखा गया कि कुछ कार्यों को लेकर पर्याप्त और संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसी आधार पर ग्राम प्रधान को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए पद से हटाने की कार्रवाई की गई।अब प्रशासन वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित धनराशि की वसूली और आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू करने की तैयारी में है। इससे साफ है कि मामला केवल पद से हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्राम निधि के उपयोग का पूरा हिसाब भी लिया जाएगा।

गांव में इस कार्रवाई के बाद चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता जरूरी है और ग्राम निधि का उपयोग केवल जनहित में होना चाहिए। प्रशासन की कार्रवाई से पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी और जवाबदेही का संदेश गया है।

अकोड़ा खुर्द ग्राम पंचायत का यह मामला अब अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी चेतावनी माना जा रहा है। डीएम मयूर दीक्षित की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि सरकारी धन के उपयोग में अनियमितता पाए जाने पर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ग्राम निधि से हुए कार्यों का पूरा हिसाब कब तक साफ होगा और वसूली की कार्रवाई में कितनी राशि सामने आएगी।

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