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फ्लाईओवर का लोहे का गार्डर बना काल: बहादराबाद के बड़ेड़ी राजपूतान में दो कांवड़ियों की दर्दनाक मौत,, हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे थे दोनों शिवभक्त, विश्राम के दौरान गार्डर फिसलने से हुआ हादसा; पुलिस ने शुरू की जांच,,

फ्लाईओवर का लोहे का गार्डर बना काल: बहादराबाद के बड़ेड़ी राजपूतान में दो कांवड़ियों की दर्दनाक मौत,,

हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे थे दोनों शिवभक्त, विश्राम के दौरान गार्डर फिसलने से हुआ हादसा; पुलिस ने शुरू की जांच,,

हरिद्वार। हरिद्वार-रुड़की मार्ग पर बहादराबाद क्षेत्र के ग्राम बड़ेड़ी राजपूतान में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने कांवड़ यात्रा की खुशियों को मातम में बदल दिया। फ्लाईओवर के नीचे रखे भारी लोहे के गार्डर के अचानक फिसलकर गिर जाने से दो कांवड़ियों की मौत हो गई। दोनों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घर लौट रहे थे और रास्ते में कुछ देर विश्राम करने के लिए फ्लाईओवर के नीचे बैठे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई।

जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2:20 बजे हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों का एक समूह बड़ेड़ी राजपूतान स्थित फ्लाईओवर के नीचे विश्राम कर रहा था। वहीं निर्माण कार्य के लिए भारी लोहे के गार्डर रखे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान एक कांवड़िया गार्डर पर चढ़ गया, जिससे गार्डर का संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर नीचे बैठे श्रद्धालुओं पर गिर पड़ा। हादसे में दो कांवड़िये गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को तत्काल उप जिला चिकित्सालय रुड़की ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 21 वर्षीय तनुज पुत्र महेश चंद्र, निवासी छोटा हरिद्वार, जलालाबाद (थाना मुरादनगर, जनपद गाजियाबाद) तथा 22 वर्षीय कृष्ण पुत्र मटरु, निवासी शकूरपुर (थाना भोजपुर, जनपद गाजियाबाद) के रूप में हुई है। दोनों अपने साथियों के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घर लौट रहे थे।

इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी गई है। परिजन हरिद्वार के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि फ्लाईओवर के नीचे भारी गार्डरों को किस प्रकार रखा गया था तथा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर रखी गई भारी सामग्री की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मार्गों और विश्राम स्थलों के आसपास निर्माण सामग्री को सुरक्षित ढंग से रखा जाना चाहिए, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं सावन के पवित्र महीने में हुई इस घटना से कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच शोक का माहौल है।

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