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ई-रिक्शा में बैठी सवारी समझ रही थी सफर, सुनसान रास्ते में खुला लूट का राज! एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने किया प्रेसवार्ता के दौरान किया  खुलासा,, पूछताछ में खुली परतें,, रानीपुर पुलिस ने तीन शातिर लुटेरों को दबोचा—नुकीली चीज पेट पर अड़ाकर ₹10 हजार समेत सामान लूटा, आरोपी के तन पर मिली पीड़ित की लूटी हुई जींस

ई-रिक्शा में बैठी सवारी समझ रही थी सफर, सुनसान रास्ते में खुला लूट का राज! एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने किया प्रेसवार्ता के दौरान किया  खुलासा,, पूछताछ में खुली परतें,,

रानीपुर पुलिस ने तीन शातिर लुटेरों को दबोचा—नुकीली चीज पेट पर अड़ाकर ₹10 हजार समेत सामान लूटा, आरोपी के तन पर मिली पीड़ित की लूटी हुई जींस

इन्तजार रजा, हरिद्वार.. हरिद्वार के सिडकुल इलाके में रात के अंधेरे में ई-रिक्शा की आड़ लेकर सवारियों को निशाना बनाने वाले कथित लूट गिरोह का रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने ई-रिक्शा चालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लूट की नकदी, पीड़ित के जरूरी दस्तावेज, जूते, वारदात में इस्तेमाल किए गए लोहे के औजार और ई-रिक्शा बरामद किया गया है।

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब पुलिस ने लूटे गए सामान के बारे में पूछताछ की। पीड़ित से छीनी गई जींस पुलिस को किसी बैग या कमरे से नहीं, बल्कि गिरफ्तार आरोपी आयुष उर्फ अनिकेत के शरीर पर पहनी हुई मिली। यानी वारदात के बाद लूटी गई जींस को आरोपी ने पहन लिया और उसी हालत में पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

राजा बिस्कुट चौक से शुरू हुआ सफर, सुनसान रास्ते में बदल गई सवारी की किस्मत

पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर की रात पवन कुमार सिडकुल स्थित राजा बिस्कुट चौक से हरिद्वार जाने के लिए ई-रिक्शा में बैठा था। उसे क्या पता था कि जिस ई-रिक्शा को उसने मंजिल तक पहुंचने का साधन समझकर चुना है, उसी में बैठे लोग कथित तौर पर उसकी जेब और सामान पर नजर लगाए हुए हैं।

ई-रिक्शा में चालक के अलावा दो अन्य युवक भी पहले से मौजूद थे। आरोप है कि सवारी को सेक्टर-4 चौक से आगे केवी स्कूल की तरफ जाने वाले एक सुनसान रास्ते पर ले जाया गया। वहां तीनों ने पवन कुमार को घेर लिया और पेट पर नुकीली वस्तु अड़ाकर जान से नुकसान पहुंचाने की धमकी देते हुए लूटपाट की।

आरोपियों ने उसके पास मौजूद करीब ₹10 हजार नकद, बैग, कपड़े, जूते और महत्वपूर्ण दस्तावेज छीन लिए और मौके से फरार हो गए।

घटना की शिकायत मिलते ही रानीपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद इस लूट की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस टीम ने एक-एक कड़ी जोड़नी शुरू की।

CCTV फुटेज खंगाली, पुराने अपराधियों से पूछताछ… फिर कच्चे रास्ते पर मिला सुराग

एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुराने अपराधियों से पूछताछ की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।

13 सितंबर की रात पुलिस टीम गश्त और चेकिंग पर थी। इसी दौरान लीडो क्लब की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक सुनसान स्थान में खड़े ई-रिक्शा पर पुलिस की नजर पड़ी।

ई-रिक्शा के अंदर तीन युवक बैठे हुए थे। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की। मामला संदिग्ध लगने पर तीनों की तलाशी ली गई। तलाशी में पुलिस को ₹10 हजार नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, चमड़े के जूते, लोहे का फर्सा और लोहे का एंगल बरामद हुआ।बस यहीं से पुलिस के हाथ उस लूट की गुत्थी का सबसे अहम सिरा लग गया।

पूछताछ में खुली परतें—‘अकेली सवारी’ थी निशाने पर!

अभय प्रताप सिंह एसपी सिटी हरिद्वार के मुताबिक, सख्ती से पूछताछ करने पर तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर लूट की वारदात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि वे रात के समय अकेली सवारी को ई-रिक्शा में बैठाते और मौका देखकर उसे सुनसान स्थान पर ले जाते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने यह भी बताया कि राजा बिस्कुट चौक के पास से जिस युवक को ई-रिक्शा में बैठाया था, उसी को शिव मंदिर के पास डराकर उसका बैग, दस्तावेज, जूते, जींस और नकदी लूटी गई थी।

इसके बाद पुलिस ने जब जींस के बारे में पूछताछ की तो मामले ने हैरान करने वाला मोड़ ले लिया।

आरोपी आयुष उर्फ अनिकेत ने पुलिस को बताया कि पीड़ित से लूटी गई जींस उसी ने पहन रखी है।

पुलिस ने जींस की पहचान पीड़ित से कराई और अन्य बरामद सामान को भी कब्जे में लिया।

नशा, लालच और शौक—लूट को बनाया कमाई का रास्ता!

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नशे, लालच और अपने शौक पूरे करने के लिए वे लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले ऐसी कितनी वारदातें की हैं और उनके निशाने पर कितनी सवारियां आईं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रवण कुमार (19), विजय (20) और आयुष उर्फ अनिकेत (20) के रूप में हुई है। तीनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और वर्तमान में सिडकुल क्षेत्र में किराये के मकानों में रह रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, विजय के खिलाफ थाना रानीपुर में पहले से शस्त्र अधिनियम का मुकदमा भी दर्ज है।

नकदी से हथियार तक सब बरामद, ई-रिक्शा भी पुलिस के कब्जे में

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:

  • ₹10,000 नकद
  • पीड़ित का आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • लूटी गई जींस
  • चमड़े के जूते
  • लोहे का फर्सा
  • लोहे का एंगल
  • वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा

बरामद किया है।

पुलिस का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में रानीपुर प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी, उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक, अपर उपनिरीक्षक सुबोध घिल्डियाल सहित पुलिस टीम और सीआईयू प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट की टीम शामिल रही।

हरिद्वार पुलिस के इस खुलासे में सबसे बड़ा सवाल यही है—ई-रिक्शा की आड़ में अकेली सवारियों को निशाना बनाने का यह खेल आखिर कब से चल रहा था? पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क की बाकी कड़ियां तलाशने में जुटी है।

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