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अल्पसंख्यक युवाओं के हुनर को मिलेगा नया मंच, मुफ्ती शमून कासमी ने संभाली उत्तराखंड हुनर परिषद की कमान,, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार, बोले—कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा करना प्राथमिकता

अल्पसंख्यक युवाओं के हुनर को मिलेगा नया मंच, मुफ्ती शमून कासमी ने संभाली उत्तराखंड हुनर परिषद की कमान,,

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार, बोले—कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा करना प्राथमिकता

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में गठित उत्तराखंड अल्पसंख्यक हुनर परिषद को नया नेतृत्व मिल गया है। मुफ्ती शमून कासमी ने परिषद के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करते हुए इस नई जिम्मेदारी के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से प्रदेश के हुनरमंद युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप प्रशिक्षण, अवसर और बेहतर भविष्य की दिशा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने के बाद मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक पद या जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं की उम्मीदों से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के अल्पसंख्यक समुदाय में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं, जिनके भीतर प्रतिभा और हुनर मौजूद है, लेकिन उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसरों के अभाव में उनकी क्षमता पूरी तरह सामने नहीं आ पाती। हुनर परिषद का उद्देश्य ऐसे युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करना होगा।

धामी सरकार के फैसले को बताया दूरदर्शी कदम

मुफ्ती शमून कासमी ने उत्तराखंड हुनर परिषद की स्थापना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास आज के समय में युवाओं को रोजगार से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यदि किसी युवा को उसकी रुचि और क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण मिले तथा उसके हुनर को बाजार और रोजगार से जोड़ा जाए तो वह न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि परिषद का प्रयास रहेगा कि अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं तक योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे। पारंपरिक हुनर के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी कौशल, स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगारपरक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार

नवनियुक्त अध्यक्ष ने इस जिम्मेदारी के लिए भाजपा के शीर्ष एवं प्रदेश नेतृत्व का भी आभार जताया। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट तथा विशेष रूप से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि युवा सशक्तिकरण को लेकर सरकार की जो प्राथमिकताएं हैं, उन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाने में हुनर परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

युवाओं को हुनर के साथ रोजगार से जोड़ने पर जोर

मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि केवल प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बाजार से जोड़ना भी जरूरी है। परिषद की कार्यप्रणाली में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को आगे बढ़ने के लिए उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलें।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में भी हुनर की कोई कमी नहीं है। युवाओं के पारंपरिक कौशल को आधुनिक बाजार की जरूरतों के साथ जोड़कर नए रोजगार मॉडल तैयार किए जा सकते हैं। स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, तकनीकी कार्य, सेवा क्षेत्र और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में युवाओं को आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं।

‘हुनर को पहचान और प्रतिभा को अवसर’ देने का संकल्प

अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद मुफ्ती शमून कासमी ने संकेत दिया कि परिषद का फोकस केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। उनका प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद और हुनरमंद युवाओं तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचे।

उन्होंने कहा कि “जिस युवा के पास हुनर है, उसे अवसर मिलना चाहिए और जिस युवा को अवसर नहीं मिला, उसे आगे बढ़ने का रास्ता दिखाना हमारा दायित्व है।” परिषद के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।

नई जिम्मेदारी के साथ बढ़ी उम्मीदें

उत्तराखंड अल्पसंख्यक हुनर परिषद के अध्यक्ष के रूप में मुफ्ती शमून कासमी की नियुक्ति के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के बीच भी नई उम्मीदें जगी हैं। परिषद से अपेक्षा की जा रही है कि यह संस्था युवाओं को सरकारी योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए प्रभावी मंच बनेगी।

मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि सेवा के अवसर के रूप में देखते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि परिषद के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम किया जाएगा।

उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित भाजपा के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को हुनर, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

मुफ्ती शमून कासमी, अध्यक्ष, उत्तराखंड अल्पसंख्यक हुनर परिषद

“मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी और प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करूंगा। उत्तराखंड के अल्पसंख्यक समुदाय के हुनरमंद युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता रहेगी। हमारा प्रयास होगा कि युवाओं के हुनर को पहचान मिले और उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध हो।”

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