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⛔ सगाई टूटी तो युवक ने रचा झूठा लूट कांड,, 🎭 सालों पर लगाया फर्जी आरोप, दुल्हे राजा पहुंचे हवालात,, 🚓 सिडकुल पुलिस की सूझबूझ से खुली बड़ी साजिश,, 🕵️‍♂️ सिडकुल पुलिस ने भांप लिया झूठ — टूट गई पूरी कहानी

इन्तजार रजा हरिद्वार ⛔ सगाई टूटी तो युवक ने रचा झूठा लूट कांड,,

🎭 सालों पर लगाया फर्जी आरोप, दुल्हे राजा पहुंचे हवालात,,

🚓 सिडकुल पुलिस की सूझबूझ से खुली बड़ी साजिश,,

🕵️‍♂️ सिडकुल पुलिस ने भांप लिया झूठ — टूट गई पूरी कहानी

हरिद्वार। सगाई टूटने की खुन्नस में एक युवक ने अपने होने वाले सालों पर लूट का झूठा आरोप लगाकर पूरी कहानी रच दी, ताकि परिवार पर दबाव बनाकर रिश्ता दोबारा तय कराया जा सके। लेकिन सिडकुल पुलिस की पैनी नजर और तत्काल जांच ने उसकी पूरी चालाकी का भांडा फोड़ दिया। मामले ने देखते ही देखते क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया – जब सगाई नहीं हुई तो युवक ने पूरा लूट कांड ही खड़ा कर दिया!

🔍 युवक की हरकतों से टूटी सगाई, फिर रची साजिश

जानकारी के मुताबिक आशीष पुत्र वेदपाल निवासी भगवानपुर की सगाई सिडकुल क्षेत्र की एक युवती से तय हुई थी। लेकिन आशीष के व्यवहार और गतिविधियों को देखते हुए लड़की पक्ष ने समय रहते सगाई तोड़ दी।
सगाई टूटने के बाद आशीष अपनी पुरानी होने वाली सालों पर दबाव बनाना चाहता था। इसी तनाव में उसने दो लाख रुपये की लूट होने का झूठा ड्रामा रचा और इसमें लड़की पक्ष के लोगों को ही आरोपी बना दिया।

🚨 आशीष ने दी लूट की सूचना, पुलिस तुरंत हरकत में आई

शाम के समय आशीष ने पुलिस को फोन कर बताया कि उससे करीब दो लाख रुपये लूट लिए गए हैं। सूचना मिलते ही
थाना सिडकुल प्रभारी नितेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में नाकेबंदी करा दी।

लेकिन जब पुलिस ने आशीष से लगातार सवाल पूछे, तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। यही से उसकी कहानी में पहला शक पैदा हुआ।

🕵️‍♂️ पुलिस ने भांप लिया झूठ — टूट गई पूरी कहानी

पुलिस ने गहराई से पूछताछ की तो आशीष ने क्षेत्र के ही दो-तीन लोगों पर आरोप लगाए, जिनका उससे कोई सीधा संबंध ही नहीं था।
जांच टीम ने जब तथ्यों को जोड़ा तो मामला उलझने के बजाय साफ होने लगा।

थोड़ी ही देर की सख्त पूछताछ में आशीष टूट गया और सच उगल दिया कि—

“सगाई टूट गई थी… मैं चाहता था कि लड़की पक्ष दबाव में आ जाए और रिश्ता फिर से जुड़ जाए।”

उसने स्वीकार किया कि लूट जैसी कोई घटना हुई ही नहीं थी।

🚓 हवालात भेजा गया, फिर परिजनों के सुपुर्द

झूठी सूचना देकर पुलिस का समय बर्बाद करने और निर्दोष लोगों पर आरोप लगाने के आरोप में आशीष को हिरासत में लिया गया
पुलिस ने उसका चालान किया और बाद में परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

⚖️ झूठे मुकदमे का अंजाम — सिडकुल पुलिस की सख्ती बनी मिसाल

सिडकुल पुलिस की तेजी और सतर्कता ने न सिर्फ एक झूठे मुकदमे को बेनकाब किया, बल्कि दूसरों को भी संदेश दिया कि—
“झूठी FIR या फर्जी आरोपों के जरिए किसी को फंसाने की कोशिश करने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।”

इस पूरे प्रकरण के बाद क्षेत्र में लोगों की एक ही प्रतिक्रिया है—
“सगाई टूटी, गुस्सा आया… पर लूट का ड्रामा? ये तो हद हो गई!”

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