डीएम मयूर दीक्षित का जनता गैराज, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में सख्त प्रशासन,, डीएम मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनसुनवाई, 87 शिकायतें दर्ज,, 42 मामलों का मौके पर निस्तारण, सीएम हेल्पलाइन पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं,, डीएम की दो टूक— लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई,, सीएम हेल्पलाइन पर भी सख्ती, लंबित शिकायतें जल्द निपटाने के निर्देश

इन्तजार रजा हरिद्वार- डीएम मयूर दीक्षित का जनता गैराज, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में सख्त प्रशासन,,
डीएम मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनसुनवाई, 87 शिकायतें दर्ज,,
42 मामलों का मौके पर निस्तारण, सीएम हेल्पलाइन पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं,,
डीएम की दो टूक— लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई,,
सीएम हेल्पलाइन पर भी सख्ती, लंबित शिकायतें जल्द निपटाने के निर्देश
हरिद्वार जनपद में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाला जनसुनवाई कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच एक सशक्त संवाद का माध्यम बनता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 87 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 42 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देशों के साथ प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन, अतिक्रमण, पेयजल, सड़क, जन्म प्रमाण पत्र, अवैध खनन, सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा जैसे अहम मुद्दों को लेकर फरियादी बड़ी संख्या में पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक समस्या का गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।
पेयजल, अतिक्रमण और भूमि विवाद रहे प्रमुख मुद्दे
जनसुनवाई के दौरान केशवधाम अन्नेकी हेतमपुर के ग्रामवासियों ने क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट को लेकर शिकायत दर्ज कराई। वहीं कनखल निवासी ललित राजपूत ने बस स्टैंड के निकासी गेट पर चाय के स्टॉल और फल की ठेली लगाकर किए गए अवैध कब्जे को हटवाने की मांग रखी।
ज्वालापुर के मोहल्ला तेलियान के निवासियों ने नालियों पर कब्जे के कारण गंदा पानी सड़कों और घरों में घुसने की समस्या से अवगत कराया और नालियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
इसके अलावा पिरान कलियर निवासी जुल्फिकर अहमद ने भूमि पैमाइश पुलिस बल की मौजूदगी में कराने, मोहम्मद शहीद ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने, डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने बीपीएल और अन्त्योदय राशन के दुरुपयोग व घरेलू सिलेंडर के कमर्शियल इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
खेड़ाजर गांव के ग्रामीणों ने सार्वजनिक मंदिर मार्ग पर कूड़ा व गोबर डालकर किए गए कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, जबकि ढाढेकी गांव से आए फरियादी ने अवैध खनन रुकवाने की मांग उठाई।
डीएम की दो टूक— लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई शिकायत ऐसी पाई जाती है, जिसका निस्तारण समय पर किया जा सकता था और संबंधित अधिकारी ने लापरवाही बरती, तो कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डीएम ने यह भी हिदायत दी कि कोई भी शिकायतकर्ता अपनी शिकायत को लेकर दोबारा जनसुनवाई में न आए। यदि कोई फरियादी पुनः वही शिकायत लेकर आता है और यह साबित होता है कि संबंधित अधिकारी ने जानबूझकर निस्तारण में देरी की, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सीएम हेल्पलाइन पर भी सख्ती, लंबित शिकायतें जल्द निपटाने के निर्देश
जनसुनवाई के बाद आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समयसीमा के भीतर निस्तारित किया जाए और शिकायतकर्ता से पोर्टल के माध्यम से संवाद भी सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा में सामने आया कि विभिन्न विभागों में एल-1 स्तर पर 541 और एल-2 स्तर पर 57 शिकायतें लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि एक माह से अधिक लंबित सभी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, अधीक्षण अभियंता डीके सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी अजय कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, एआरटीओ नेहा झा, डीएसओ श्याम आर्य, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई कार्यक्रम एक बार फिर यह साबित करता नजर आया कि हरिद्वार प्रशासन जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है और पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था के जरिए समाधान की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है।



