15 साल से बदहाल सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कांग्रेस नेता मनोज धनगर ने खोला मोर्चा,, रावली महदूद से शिवालिक नगर को जोड़ने वाले जर्जर मार्ग के तत्काल निर्माण की उठाई मांग, जनप्रतिनिधियों पर विकास की अनदेखी का आरोप,, छह विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों को रोजाना झेलनी पड़ रही परेशानी, जल्द निर्माण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
इस दौरान कांग्रेस नेता मनोज धनगर के साथ प्रवेश कटारिया, बाबूराम, लाल सिंह पटवारी, सोमपाल मास्टर जी, अंकित कुमार, जितेंद्र कुमार, अरुण कुमार, सुशील कुमार, प्रवीण कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, टिंकू सिंह, शुभम कुमार, कामेश कुमार, राजेश सैनी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में जर्जर सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों की होगी।

15 साल से बदहाल सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कांग्रेस नेता मनोज धनगर ने खोला मोर्चा,,
रावली महदूद से शिवालिक नगर को जोड़ने वाले जर्जर मार्ग के तत्काल निर्माण की उठाई मांग, जनप्रतिनिधियों पर विकास की अनदेखी का आरोप,,
छह विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों को रोजाना झेलनी पड़ रही परेशानी, जल्द निर्माण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
हरिद्वार। रावली महदूद प्राथमिक विद्यालय नंबर-2 से रामधाम कॉलोनी, कृपालनगर होते हुए शिवालिक नगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। करीब 15 वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर कांग्रेस नेता मनोज धनगर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आवाज बुलंद करते हुए संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर उपेक्षा का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे हजारों लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
यह मार्ग क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण संपर्क सड़कों में से एक है, जो रावली महदूद, रामधाम कॉलोनी, कृपालनगर और आसपास की कई बस्तियों को शिवालिक नगर से जोड़ता है। इसी मार्ग पर संचालित छह विद्यालयों में प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते-जाते हैं। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई डामर और बरसात के दौरान जलभराव के कारण बच्चों, अभिभावकों, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात शुरू होते ही सड़क की हालत और अधिक खराब हो गई है। कई स्थानों पर कीचड़ और पानी भर जाने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसल रहे हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को भी इस मार्ग से गुजरने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
कांग्रेस नेता मनोज धनगर ने कहा कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जीवनरेखा है। इसके बावजूद पिछले डेढ़ दशक से इसकी लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद जनता की मूलभूत समस्याओं को भुला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सड़क की दुर्दशा जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मनोज धनगर ने बताया कि क्षेत्रवासियों की ओर से पूर्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस सड़क के निर्माण के लिए तत्काल बजट स्वीकृत कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर लगातार जलभराव रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो गया है। स्कूली बच्चों के कपड़े रोजाना कीचड़ से खराब हो जाते हैं और कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
मनोज धनगर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों ने शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं कराया तो क्षेत्रवासी शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर विकास कार्य देखना चाहती है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क का स्थायी समाधान निकालते हुए शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का अंत हो सके। उनका कहना है कि यह मुद्दा केवल सड़क का नहीं, बल्कि हजारों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, आम जनता की सुविधा और क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ा हुआ है।
इस दौरान कांग्रेस नेता मनोज धनगर के साथ प्रवेश कटारिया, बाबूराम, लाल सिंह पटवारी, सोमपाल मास्टर जी, अंकित कुमार, जितेंद्र कुमार, अरुण कुमार, सुशील कुमार, प्रवीण कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, टिंकू सिंह, शुभम कुमार, कामेश कुमार, राजेश सैनी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में जर्जर सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों की होगी।



