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हरिद्वार में ई-रिक्शाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, 50 से अधिक वाहन सीज,, QR Code Sticker बिना दौड़ रहे ई-रिक्शाओं पर चला परिवहन विभाग का शिकंजा, सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वालों में मचा हड़कंप,, एआरटीओ नेहा झा और निखिल शर्मा की संयुक्त कार्रवाई से अवैध संचालन करने वालों में खौफ, कहा—“अब नियम तोड़ने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा”

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में ई-रिक्शाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, 50 से अधिक वाहन सीज,,

QR Code Sticker बिना दौड़ रहे ई-रिक्शाओं पर चला परिवहन विभाग का शिकंजा, सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वालों में मचा हड़कंप,,

एआरटीओ नेहा झा और निखिल शर्मा की संयुक्त कार्रवाई से अवैध संचालन करने वालों में खौफ, कहा—“अब नियम तोड़ने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा”

हरिद्वार। जनपद में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध रूप से संचालित हो रहे ई-रिक्शाओं पर शिकंजा कसने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा और आक्रामक अभियान चलाया। जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए सख्त निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को परिवहन विभाग की टीम पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आई। इस दौरान बिना सत्यापन और बिना QR Code Sticker के सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शाओं के खिलाफ व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसमें 50 से अधिक ई-रिक्शाओं को मौके पर ही सीज कर दिया गया।

इस विशेष अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। अभियान के दौरान जनपद के प्रमुख बाजारों, व्यस्त मार्गों, संवेदनशील चौराहों और यातायात प्रभावित क्षेत्रों में ई-रिक्शाओं की सघन जांच की गई। परिवहन विभाग की टीम को देखते ही कई अवैध ई-रिक्शा चालक रास्ता बदलते और वाहन छोड़कर भागते भी नजर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।

जांच के दौरान ई-रिक्शाओं के पंजीकरण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस, परमिट और जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित सत्यापन दस्तावेजों की गहन जांच की गई। सबसे अधिक ध्यान उन ई-रिक्शाओं पर दिया गया जिन पर निर्धारित QR Code Sticker नहीं लगा था। विभागीय अधिकारियों ने साफ कहा कि बिना QR Sticker चल रहे वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है, जिससे अवैध संचालन और अपराध संबंधी गतिविधियों पर नियंत्रण प्रभावित होता है।

अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे वाहन पकड़े गए जिनका सत्यापन अधूरा था या जिन्होंने अब तक QR Code Sticker नहीं लगवाया था। परिवहन विभाग ने ऐसे सभी वाहनों को नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए कड़ी कार्रवाई की। मौके पर ही 50 से अधिक ई-रिक्शाओं को सीज किया गया, जबकि कई चालकों के चालान भी काटे गए। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि भविष्य में बिना सत्यापन और बिना QR Sticker के वाहन संचालन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल चालान या सीजिंग करना नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शाओं की बढ़ती संख्या के कारण शहर में यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है। यदि इनका सत्यापन और रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं होगा तो सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होना तय है। इसलिए प्रत्येक ई-रिक्शा का डेटा प्रशासन के पास होना अत्यंत आवश्यक है।

वहीं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने स्पष्ट किया कि QR Code Sticker व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी निगरानी प्रणाली का हिस्सा है। इसके माध्यम से किसी भी वाहन की पहचान तुरंत की जा सकेगी, जिससे अवैध संचालन, फर्जी पंजीकरण और नियमों की अनदेखी करने वालों पर आसानी से कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि जिन ई-रिक्शा चालकों ने अभी तक सत्यापन नहीं कराया है, वे तुरंत अपने दस्तावेज पूर्ण कर विभागीय प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा आगे और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि कई ई-रिक्शा बिना फिटनेस, बिना बीमा और बिना वैध परमिट के संचालित होते पाए गए, जो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में यात्रियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है।

परिवहन विभाग ने जनपद के सभी ई-रिक्शा संचालकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने वाहनों का शीघ्र सत्यापन कराएं, निर्धारित QR Code Sticker प्राप्त करें और सभी दस्तावेज अपडेट रखें। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं बल्कि लगातार चलने वाली सख्त मुहिम है। आने वाले दिनों में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में इसी तरह औचक अभियान चलाए जाएंगे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जनपद में सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिला सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों के तहत परिवहन विभाग अब पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतर चुका है। प्रशासन के इस बड़े एक्शन से साफ संकेत मिल गया है कि अब हरिद्वार की सड़कों पर नियमों को ताक पर रखकर वाहन दौड़ाना आसान नहीं होगा।

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