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उत्तराखंड में ‘नो व्हीकल डे’ का बड़ा ऐलान: धामी सरकार ने VIP कल्चर पर चलाई कैंची, अब अफसरों-मंत्रियों को सिर्फ एक गाड़ी!,, “सीएम धामी ने खुद पेश की मिसाल, काफिले की 9 गाड़ियां घटाकर 5 कीं — पूरे प्रदेश में हफ्ते में एक दिन रहेगा ‘नो व्हीकल डे’” “ईंधन बचत, EV नीति, चकबंदी, होमस्टे और अल्पसंख्यक संस्थानों पर कैबिनेट के ताबड़तोड़ फैसलों से प्रशासनिक गलियारों में हलचल”

इन्तजार रजा हरिद्वार- उत्तराखंड में ‘नो व्हीकल डे’ का बड़ा ऐलान: धामी सरकार ने VIP कल्चर पर चलाई कैंची, अब अफसरों-मंत्रियों को सिर्फ एक गाड़ी!,,

“सीएम धामी ने खुद पेश की मिसाल, काफिले की 9 गाड़ियां घटाकर 5 कीं — पूरे प्रदेश में हफ्ते में एक दिन रहेगा ‘नो व्हीकल डे’”

“ईंधन बचत, EV नीति, चकबंदी, होमस्टे और अल्पसंख्यक संस्थानों पर कैबिनेट के ताबड़तोड़ फैसलों से प्रशासनिक गलियारों में हलचल”

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में अब दिखावे और फिजूलखर्ची पर बड़ी चोट होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऐसा फैसला लिया गया, जिसने पूरे सिस्टम में हलचल मचा दी है। प्रदेश सरकार ने VIP कल्चर और सरकारी ईंधन की बढ़ती खपत पर लगाम कसते हुए मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहन बेड़े में 50 प्रतिशत तक कटौती का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री धामी ने केवल आदेश जारी नहीं किए, बल्कि खुद उदाहरण भी पेश किया। उन्होंने अपने काफिले में चलने वाली गाड़ियों की संख्या 9 से घटाकर 5 कर दी। सरकार का साफ संदेश है कि अब जनता को बचत का संदेश देने वाले नेता और अधिकारी खुद भी उसी रास्ते पर चलेंगे।

कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि अब पूरे उत्तराखंड में सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाया जाएगा। इस दिन सरकारी स्तर पर अनावश्यक वाहनों के प्रयोग को रोका जाएगा और लोगों को भी ईंधन बचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरणीय संकट को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी हो गया था।

इतना ही नहीं, अब “एक अधिकारी-एक वाहन” नीति को भी सख्ती से लागू किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी के पास कई विभागों का प्रभार है, तब भी उसे पूरे दिन के लिए केवल एक सरकारी वाहन ही मिलेगा। लंबे समय से सरकारी वाहनों के दुरुपयोग और बेवजह के खर्च को लेकर सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में यह फैसला प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सरकार ने भविष्य की सरकारी वाहन खरीद में भी बड़ा बदलाव किया है। अब खरीदे जाने वाले कुल वाहनों में कम से कम 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) होंगे। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

कैबिनेट में केवल वाहन नीति ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े फैसलों पर भी मुहर लगी। अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के लिए नई ऑनलाइन मान्यता और नवीनीकरण नियमावली को मंजूरी दी गई है। मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी समुदायों के शैक्षणिक संस्थानों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।

पर्वतीय क्षेत्रों में खेती और जमीन सुधार को लेकर भी सरकार ने बड़ा दांव खेला है। नई चकबंदी नीति के तहत जो गांव स्वेच्छा से चकबंदी के लिए आगे आएंगे, उन्हें विशेष विकास योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का कार्पस फंड तैयार किया है। पहले चरण में हर जिले के 10 गांवों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे पहाड़ी क्षेत्रों में खेती को नई दिशा मिल सकती है।

पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे योजना में भी राहत दी गई है। अब 6 के बजाय 8 कमरों तक होमस्टे निर्माण पर अनुदान मिलेगा। इसके अलावा लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया को भी ऑटोमैटिक करने की तैयारी है, जिससे छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी।

ग्रामीण विकास के मोर्चे पर पंचायत भवन निर्माण की राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। सरकार का दावा है कि इससे गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।

रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी फैसले हुए। राजस्व परिषद में सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए अब कंप्यूटर ज्ञान और 8000 शब्द प्रति घंटे की टाइपिंग अनिवार्य कर दी गई है। वहीं श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 277 अस्थायी कर्मचारियों को “समान कार्य-समान वेतन” देने का फैसला भी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

धामी सरकार के इन फैसलों को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर बड़ा संदेश माना जा रहा है। खासकर VIP कल्चर पर लगाम और ईंधन बचत को लेकर उठाए गए कदमों ने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार का “नो व्हीकल डे” अभियान केवल सरकारी आदेश बनकर रह जाता है या फिर जनता भी इसे बड़े स्तर पर अपनाती है।

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