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कुंभ 2027 में ‘नो नेटवर्क, नो टेंशन’! करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक संचार कवच तैयार, हर कोने तक पहुंचेगा तेज नेटवर्क,, “भीड़ बढ़ेगी तो बढ़ेगी मोबाइल क्षमता भी” — कुंभ क्षेत्र में लगेंगे अस्थायी टावर, ‘सेल ऑन व्हील’ और स्मॉल सेल तकनीक से बदलेगी तस्वीर,, “श्रद्धालुओं को नहीं होगी कॉल ड्रॉप और नेटवर्क जाम की परेशानी! मेला प्रशासन ने टेलीकॉम कंपनियों के साथ शुरू की मेगा प्लानिंग”

इन्तजार रजा हरिद्वार- कुंभ 2027 में ‘नो नेटवर्क, नो टेंशन’! करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक संचार कवच तैयार, हर कोने तक पहुंचेगा तेज नेटवर्क,,

“भीड़ बढ़ेगी तो बढ़ेगी मोबाइल क्षमता भी” — कुंभ क्षेत्र में लगेंगे अस्थायी टावर, ‘सेल ऑन व्हील’ और स्मॉल सेल तकनीक से बदलेगी तस्वीर,,

“श्रद्धालुओं को नहीं होगी कॉल ड्रॉप और नेटवर्क जाम की परेशानी! मेला प्रशासन ने टेलीकॉम कंपनियों के साथ शुरू की मेगा प्लानिंग”

हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेला 2027 को लेकर तैयारियां अब जमीनी स्तर पर तेजी से आकार लेने लगी हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के इस विशाल आध्यात्मिक समागम के दौरान इस बार केवल सुरक्षा और यातायात ही नहीं, बल्कि संचार व्यवस्था को भी हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मेला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कुंभ 2027 में आने वाले श्रद्धालुओं को मोबाइल नेटवर्क जाम, कॉल ड्रॉप और इंटरनेट ठप जैसी समस्याओं से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। 14 जनवरी से 20 अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए अभी से व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। दूरसंचार विभाग और प्रमुख मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर एक विशेष कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू हो चुका है।

मेला अधिकारी सोनिका ने इस संबंध में दूरसंचार विभाग और विभिन्न मोबाइल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि इस बार पूर्व के कुंभ मेलों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए संचार व्यवस्था को और अधिक मजबूत, आधुनिक और व्यवस्थित बनाया जाए।बैठक में सामने आया कि कुंभ क्षेत्र में केवल स्थायी मोबाइल टावरों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी, बल्कि बड़ी संख्या में “सेल ऑन व्हील” और “स्मॉल सेल” टावर भी लगाए जाएंगे। खासकर उन स्थानों पर जहां भीड़ अत्यधिक रहती है या नेटवर्क पर दबाव बढ़ने की संभावना होती है, वहां इन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार “सेल ऑन व्हील” मोबाइल टावरों को जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थानों पर शिफ्ट किया जा सकेगा, जबकि “स्मॉल सेल” उपकरण भवनों और खंभों पर लगाए जाएंगे। एक स्मॉल सेल लगभग 200 मीटर के दायरे में बेहतर संचार सुविधा देने में सक्षम होगा। इससे नेटवर्क की गुणवत्ता और इंटरनेट स्पीड में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

मेला अधिकारी सोनिका ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र के सभी सेक्टरों से जुड़े बेसलाइन डाटा और संभावित भीड़ का विस्तृत विवरण एक सप्ताह के भीतर दूरसंचार विभाग को उपलब्ध कराया जाए। इसी आधार पर संचार सेवाओं की विस्तृत और प्रभावी योजना तैयार की जाएगी।

मोबाइल टावरों की स्थापना और तकनीकी समन्वय के लिए अपर मेला अधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक (संचार) को विशेष जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। मेला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।

बैठक में दूरसंचार विभाग के अपर महानिदेशक अमित रावत ने जानकारी दी कि संयुक्त निरीक्षण और उपलब्ध डाटा के आधार पर आगामी 10 जून तक विस्तृत दूरसंचार योजना तैयार कर प्रस्तुत कर दी जाएगी।

अब साफ संकेत हैं कि कुंभ 2027 केवल आस्था और भव्यता का आयोजन नहीं होगा, बल्कि तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं का भी एक नया उदाहरण बनकर सामने आएगा। करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है।

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