मतदाता सूची अपडेट का बिगुल बजा! हरिद्वार की 11 विधानसभा सीटों पर शुरू होगा ‘महाअभियान’, डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश,, “घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, नए वोटर जोड़ने से लेकर दावे-आपत्तियों तक तय हुआ पूरा रोडमैप — चुनावी तैयारी ने पकड़ी रफ्तार,,“ “त्रुटिरहित और पारदर्शी प्रक्रिया पर प्रशासन का फोकस — 1715 मतदेय स्थलों पर तैनात होगी बड़ी टीम, राजनीतिक दलों को भी सौंपी अहम जिम्मेदारी”

इन्तजार रजा हरिद्वार-मतदाता सूची अपडेट का बिगुल बजा! हरिद्वार की 11 विधानसभा सीटों पर शुरू होगा ‘महाअभियान’, डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश,,
“घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, नए वोटर जोड़ने से लेकर दावे-आपत्तियों तक तय हुआ पूरा रोडमैप — चुनावी तैयारी ने पकड़ी रफ्तार,,“
“त्रुटिरहित और पारदर्शी प्रक्रिया पर प्रशासन का फोकस — 1715 मतदेय स्थलों पर तैनात होगी बड़ी टीम, राजनीतिक दलों को भी सौंपी अहम जिम्मेदारी”
हरिद्वार में आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। जिले की सभी 11 विधानसभा सीटों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बीएलए-1 सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से पूरा किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने 01 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए 14 मई 2026 को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इसके बाद अब पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए तैयारी का खाका भी लगभग तय कर लिया है।
जानकारी के अनुसार 29 मई से 07 जून तक गणना प्रपत्रों की छपाई और कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद सबसे अहम चरण 08 जून से शुरू होगा, जब बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। यह अभियान 07 जुलाई तक चलेगा, जिसमें गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण किया जाएगा।
इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी और 14 जुलाई से 13 अगस्त तक नागरिक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और गाइडलाइन का गहन अध्ययन करें ताकि पुनरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता सीधे मतदाता सूची की शुद्धता पर निर्भर करती है, इसलिए किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पुनरीक्षण कार्य के लिए तैनात बीएलओ और राजनीतिक दलों द्वारा नामित बीएलए के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं ताकि समन्वय मजबूत रहे। प्रशासन चाहता है कि मतदान सूची से कोई पात्र मतदाता छूटने न पाए और त्रुटियों को समय रहते सुधारा जा सके।
हरिद्वार जिले की 11 विधानसभा सीटों पर इस अभियान के लिए बड़ी प्रशासनिक टीम तैयार की गई है। आंकड़ों के मुताबिक जिले में 11 ईआरओ, 64 एईआरओ, 1715 मतदेय स्थलों पर बीएलओ और 213 बीएलओ सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के कर्मचारी, आईटी स्वयंसेवक, महिला मंगल दलों के सदस्य और राजनीतिक दलों द्वारा नामित बीएलए-2 भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बीएलओ जब घर-घर पहुंचें तो राजनीतिक दलों द्वारा नामित प्रतिनिधि भी सहयोग करें। विशेष रूप से नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने, नाम संशोधन, स्थान परिवर्तन और अन्य सुधारों के लिए प्रपत्र-6, 7 और 8 भरवाने में मदद करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भी विस्तृत रणनीति बनाई गई है। 19 और 20 मई को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद 21 से 23 मई तक बीएलओ, सुपरवाइजर और अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 01 जून से 07 जून तक तहसील मुख्यालयों पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण आयोजित कर कर्मचारियों को फील्ड स्तर की तैयारियों से अवगत कराया जाएगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी ईआरओ और एईआरओ को 25 मई तक तहसील स्तर पर बैठकें आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के इस विशेष अभियान को जिले में सफल मॉडल के रूप में लागू किया जाए। बैठक में मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अब तक की तैयारियों पर संतोष जताया।
चुनावी माहौल भले अभी दूर दिखाई दे, लेकिन हरिद्वार में प्रशासन ने चुनावी मशीनरी को समय से पहले सक्रिय कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि घर-घर पहुंचने वाले बीएलओ कितनी प्रभावी ढंग से मतदाता सूची को अपडेट कर पाते हैं और जिले का यह बड़ा अभियान कितनी सफलता हासिल करता है।



