उत्तराखंड की राजनीति को बड़ा झटका! पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन से प्रदेशभर में शोक की लहर,, “सेना से सत्ता तक ईमानदारी की मिसाल” — दो बार मुख्यमंत्री रहे खंडूरी के निधन से राजनीतिक गलियारों में पसरा सन्नाटा,, “भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त छवि, विकास की मजबूत सोच और अनुशासन की पहचान थे खंडूरी” — नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

इन्तजार रजा हरिद्वार- उत्तराखंड की राजनीति को बड़ा झटका! पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन से प्रदेशभर में शोक की लहर,,
“सेना से सत्ता तक ईमानदारी की मिसाल” — दो बार मुख्यमंत्री रहे खंडूरी के निधन से राजनीतिक गलियारों में पसरा सन्नाटा,,
“भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त छवि, विकास की मजबूत सोच और अनुशासन की पहचान थे खंडूरी” — नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

उत्तराखंड की राजनीति से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूरी ने अंतिम सांस ली, जिसके बाद राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत में गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है।
भुवन चंद्र खंडूरी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि अनुशासन, ईमानदारी और सख्त प्रशासनिक शैली की पहचान माने जाते थे। सेना की पृष्ठभूमि से राजनीति में आए खंडूरी ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में साफ-सुथरी छवि बनाए रखी। वे उत्तराखंड के दो बार मुख्यमंत्री रहे और उनके कार्यकाल को प्रशासनिक सख्ती तथा विकास के विजन के लिए याद किया जाता है।
राजनीति में उनका सफर भी बेहद प्रेरणादायक रहा। वे पांच बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाने में भी उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है।
खंडूरी की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही, जिन्होंने सत्ता से ज्यादा व्यवस्था और सिद्धांतों को महत्व दिया। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और प्रशासन में जवाबदेही की संस्कृति पर जोर दिया। यही वजह रही कि समर्थक उन्हें “कड़क लेकिन ईमानदार प्रशासक” के रूप में याद करते हैं।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी का उत्तराखंड के विकास और सार्वजनिक जीवन में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री के निधन से उत्तराखंड ने एक ऐसा राजनीतिक चेहरा खो दिया है, जिसने राजनीति में सादगी, अनुशासन और ईमानदारी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। अब प्रदेश उन्हें सिर्फ एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक मजबूत विचार और व्यक्तित्व के रूप में याद करेगा।



