हरिद्वार में ग्रामोत्थान रीप मॉडल की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक! IFAD के कंट्री डायरेक्टर जेम्स मार्क शील्ड्स ने महिलाओं के नवाचार और उद्यमिता मॉडल की जमकर की सराहना,, “मंदिरों के फूलों से रोजगार, शहद से समृद्धि और गांवों में आत्मनिर्भरता की नई कहानी” — रीप परियोजना के कार्यों ने विदेशी टीम को किया प्रभावित, महिलाओं की मेहनत बनी प्रेरणा,, “वेस्ट फ्लावर मैनेजमेंट से ‘मीठी गंगा’ तक दिखा विकास का नया चेहरा” — हरिद्वार में ग्रामीण आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मॉडल ने खींचा अंतरराष्ट्रीय ध्यान,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में ग्रामोत्थान रीप मॉडल की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक! IFAD के कंट्री डायरेक्टर जेम्स मार्क शील्ड्स ने महिलाओं के नवाचार और उद्यमिता मॉडल की जमकर की सराहना,,
“मंदिरों के फूलों से रोजगार, शहद से समृद्धि और गांवों में आत्मनिर्भरता की नई कहानी” — रीप परियोजना के कार्यों ने विदेशी टीम को किया प्रभावित, महिलाओं की मेहनत बनी प्रेरणा,,
“वेस्ट फ्लावर मैनेजमेंट से ‘मीठी गंगा’ तक दिखा विकास का नया चेहरा” — हरिद्वार में ग्रामीण आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मॉडल ने खींचा अंतरराष्ट्रीय ध्यान,,

हरिद्वार, 24 मई 2026। हरिद्वार जनपद में संचालित ग्रामोत्थान रीप परियोजना अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की एक ऐसी मिसाल बनती जा रही है, जिसकी गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सुनाई देने लगी है। इसी क्रम में IFAD (इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट) के कंट्री डायरेक्टर मिस्टर जेम्स मार्क शील्ड्स ने परियोजना क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया और परियोजना के कार्यों को करीब से समझा।
इस दौरान उनके साथ परियोजना निदेशक सुश्री झरना कामठन, IFAD की जनरल सलाहकार सुश्री निशिधा, मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म के टीम लीडर आलोक जैन तथा कृषि विशेषज्ञ रविंद्र कुकरेती भी मौजूद रहे। हरिद्वार पहुंचने पर जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार सक्सेना द्वारा टीम का स्वागत किया गया।
भ्रमण के दौरान टीम ने विकासखंड बहादराबाद में रीप परियोजना के अंतर्गत संचालित “वेस्ट फ्लावर मैनेजमेंट” यूनिट का निरीक्षण किया। यहां मंदिरों से एकत्रित फूलों का प्रसंस्करण कर विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। यूनिट में महिलाओं द्वारा मशीनों का संचालन, उत्पाद निर्माण और पैकेजिंग व्यवस्था को देखकर कंट्री डायरेक्टर विशेष रूप से प्रभावित नजर आए।
महिलाओं से सीधी बातचीत के दौरान उन्होंने आय सृजन, रोजगार और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह केवल एक उत्पादन इकाई नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन मॉडल है। उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की खुलकर सराहना करते हुए इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया।
इसके बाद टीम ने रीप परियोजना के अंतर्गत संचालित अन्य गतिविधियों का भी निरीक्षण किया, जहां तेल, मसाले, मल्टीग्रेन आटा जैसे उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया और मशीनों के संचालन को देखा गया। परियोजना के तहत स्वायत्त सहकारिताओं के साथ तकनीकी प्रशिक्षण और कच्चे माल की आपूर्ति की व्यवस्था को भी टीम ने सराहा।
भ्रमण का एक प्रमुख आकर्षण “मीठी गंगा” परियोजना रही। यहां कंट्री डायरेक्टर ने मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और भंडारण व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से शहद के विपणन मॉडल और उसके नवाचार की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बताया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के साथ बैठक में रीप परियोजना के कार्यों और अनुभवों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। टीम ने पीलीभीत हाउस में “हाउस ऑफ हिमालय” का भी भ्रमण किया।
जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार सक्सेना के निर्देशन में हुए इस भ्रमण को ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि IFAD कंट्री डायरेक्टर का यह दौरा भविष्य में परियोजना के विस्तार और नई संभावनाओं को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।



