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विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर हरिद्वार में बड़ा जागरूकता अभियान! युवाओं को नशे से दूर रखने का लिया गया संकल्प… “स्कूल-कॉलेज के आसपास तम्बाकू बेचना और धूम्रपान करना अपराध” — जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने कानून और जिम्मेदारी दोनों का कराया एहसास… “आज नहीं संभले तो कल देर हो जाएगी” — स्वास्थ्य विभाग, क्योर हेल्थ लिमिटेड और नर्सिंग छात्रों ने मिलकर दिया तम्बाकू मुक्त समाज का संदेश…

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर हरिद्वार में बड़ा जागरूकता अभियान! युवाओं को नशे से दूर रखने का लिया गया संकल्प…

“स्कूल-कॉलेज के आसपास तम्बाकू बेचना और धूम्रपान करना अपराध” — जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने कानून और जिम्मेदारी दोनों का कराया एहसास…

“आज नहीं संभले तो कल देर हो जाएगी” — स्वास्थ्य विभाग, क्योर हेल्थ लिमिटेड और नर्सिंग छात्रों ने मिलकर दिया तम्बाकू मुक्त समाज का संदेश…

हरिद्वार। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस (31 मई) की पूर्व संध्या पर हरिद्वार में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और कर्मचारियों को तम्बाकू एवं धूम्रपान से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन जिला स्वास्थ्य विभाग एवं क्योर हेल्थ लिमिटेड (एकम्स कंपनी) के संयुक्त तत्वावधान में सिडकुल स्थित प्लांट संख्या-7 में किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर रहीं। इस अवसर पर राजकीय नर्सिंग स्कूल रोशनाबाद के छात्र-छात्राओं, अध्यापकों, कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

अपने संबोधन में सचिव सिमरनजीत कौर ने कहा कि तम्बाकू और धूम्रपान केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि समाज और परिवार पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज और अन्य सार्वजनिक स्थलों के आसपास धूम्रपान करना अथवा तम्बाकू उत्पादों की बिक्री करना कानूनन अपराध है और इसके लिए दंड का प्रावधान है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करता दिखाई दे तो उसे रोकने का प्रयास करें और धूम्रपान से होने वाली बीमारियों व दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित संस्थान के प्रमुख जुर्माना लगाकर कार्रवाई कर सकते हैं।

छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को तम्बाकू जैसी घातक लत से दूर रहना चाहिए और अपने परिवार व समाज में भी इसके खिलाफ जागरूकता फैलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं ने संकल्प ले लिया तो आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू मुक्त और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।कार्यक्रम के दौरान तम्बाकू सेवन से होने वाले कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को तम्बाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर रमन कुमार सैनी (डिप्टी एलएडीसी), लॉ इंटर्न अपूर्वा चौधरी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और क्योर हेल्थ लिमिटेड के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि तम्बाकू के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

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