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स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही पर बड़ा एक्शन! हरिद्वार के सभी 6 एडीओ (पंचायत) के वेतन पर लगी रोक,, “बार-बार निर्देशों के बावजूद नहीं दी गई सूचनाएं” — डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह ने दिखाई सख्ती, प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप,, “स्वच्छता अभियान और कूड़ा निस्तारण की निगरानी में मिली गंभीर लापरवाही” — ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई, भविष्य में और कड़े कदमों की चेतावनी

स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही पर बड़ा एक्शन! हरिद्वार के सभी 6 एडीओ (पंचायत) के वेतन पर लगी रोक,,

“बार-बार निर्देशों के बावजूद नहीं दी गई सूचनाएं” — डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह ने दिखाई सख्ती, प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप,,

“स्वच्छता अभियान और कूड़ा निस्तारण की निगरानी में मिली गंभीर लापरवाही” — ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई, भविष्य में और कड़े कदमों की चेतावनी

इन्तजार रजा, हरिद्वार.. हरिद्वार जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अतुल प्रताप सिंह ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सभी छह सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के माह मई 2026 के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। इस कार्रवाई से पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है और इसे ग्रामीण स्वच्छता अभियान में लापरवाही के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण एवं अपेक्षित सूचनाओं की उपलब्धता को लेकर कई बार निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद संबंधित सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) द्वारा न तो समय पर सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं और न ही स्वच्छता एवं कूड़ा निस्तारण से जुड़ी व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी की गई।

जानकारी के अनुसार स्वजल परियोजना के तहत विकास खंडों को उपलब्ध कराए गए वाहनों का उपयोग रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित किया जाना था। इन वाहनों के माध्यम से ग्राम पंचायतों से सूखे कूड़े का संग्रहण किया जाना था, लेकिन कई क्षेत्रों में इस व्यवस्था का समुचित पालन नहीं कराया गया। इतना ही नहीं, ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन से संबंधित आदेशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा और अनुश्रवण भी नहीं किया गया।

डीपीआरओ ने बताया कि इस संबंध में कई अनुस्मारक और निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। नियमित रूप से सूचनाएं उपलब्ध न कराए जाने के कारण प्रशासनिक कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था, जिससे विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग और प्रगति समीक्षा प्रभावित हो रही थी।

प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए जनपद हरिद्वार के सभी छह सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के मई 2026 के वेतन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने का निर्णय लिया। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई जिले में स्वच्छता अभियान और कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से की गई है।

जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन और प्रशासन की प्राथमिकताओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा स्वच्छता, कूड़ा निस्तारण अथवा अन्य विकास कार्यों में लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और कूड़ा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। ऐसे में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए उठाया गया यह कदम आने वाले दिनों में अन्य विभागों के लिए भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

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