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कलियर में “ऑपरेशन कालनेमी” का बड़ा एक्शन! 40 बहुरूपियों पर कलियर पुलिस की कार्रवाई, लेकिन रसूखदार अवैध कब्जाधारी बाबाओं पर कब चलेगा प्रशासन का कलम? “धार्मिक आस्था के नाम पर लोगों को भ्रमित करने वालों पर कसा शिकंजा” — एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर पिरान कलियर में चला अभियान, 40 लोगों का पुलिस एक्ट में चालान “गरीब बाबाओं पर कार्रवाई जारी, मगर दरगाह संपत्तियों पर अवैध कब्जा जमाए बैठे रसूखदार ‘कालनेमी’ बाबा कब आएंगे रडार पर?” — वक्फ बोर्ड, दरगाह प्रबंधन और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल,, क्या बड़े “कालनेमी” भी आएंगे रडार पर?

ऑपरेशन कालनेमी” के तहत 40 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन कलियर की जनता के बीच यह सवाल अब भी गूंज रहा है कि दरगाह की संपत्तियों में छिपे बड़े और रसूखदार ‘कालनेमी’ आखिर कब कानून के दायरे में आएंगे?

कलियर में “ऑपरेशन कालनेमी” का बड़ा एक्शन! 40 बहुरूपियों पर कलियर पुलिस की कार्रवाई, लेकिन रसूखदार अवैध कब्जाधारी बाबाओं पर कब चलेगा प्रशासन का कलम?

“धार्मिक आस्था के नाम पर लोगों को भ्रमित करने वालों पर कसा शिकंजा” — एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर पिरान कलियर में चला अभियान, 40 लोगों का पुलिस एक्ट में चालान

“गरीब बाबाओं पर कार्रवाई जारी, मगर दरगाह संपत्तियों पर अवैध कब्जा जमाए बैठे रसूखदार ‘कालनेमी’ बाबा कब आएंगे रडार पर?” — वक्फ बोर्ड, दरगाह प्रबंधन और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल,,

क्या बड़े “कालनेमी” भी आएंगे रडार पर?

इन्तजार रजा, हरिद्वार… पिरान कलियर दरगाह क्षेत्र में हरिद्वार पुलिस ने सोमवार को बड़ा अभियान चलाते हुए “ऑपरेशन कालनेमी” के तहत 40 ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर कार्रवाई की, जो कथित रूप से तांत्रिक, फकीर अथवा अन्य धार्मिक वेशभूषा धारण कर आम लोगों की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठा रहे थे। पुलिस के अनुसार ये लोग विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को उनकी व्यक्तिगत एवं पारिवारिक समस्याओं का समाधान करने का झूठा भरोसा देकर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर कोतवाली पिरान कलियर पुलिस ने दरगाह शरीफ, आसपास की सरायों, रैन बसेरों और टीनशेड क्षेत्रों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। अभियान के दौरान चिन्हित सभी 40 व्यक्तियों को थाने लाकर पूछताछ की गई तथा पुलिस एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई की गई।पुलिस का कहना है कि धार्मिक आस्था और विश्वास का गलत लाभ उठाने वाले तत्वों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

कार्रवाई की जद में आए 40 लोग

पुलिस द्वारा जिन व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई उनमें लड्डन, अकबर, नजीर, वसीम, मटरु, यामीन, शकील, शमीर, अफ्तार, नईम, विकास, सलमान, आमिर, छोटू, शंकर सिंह, महताब, राजेन्द्र, अब्दुल्लाह, राजू, अखलेश, राजा, मेराज अहमद उर्फ गुड्डू, फेज आलम, शिव गोपाल, राशिद, इमरान, मोजबील, रणजीत, शाबुद्दीन, जुबेर अंसारी, याकुब, जान मोहम्मद, मोहम्मद इमरान, शंकर सिंह, जसप्रीत सिंह, शहनवाज, मोहम्मद हासिम, अब्दुल हसन, असलम तथा कादिर शामिल हैं। इनमें कई लोग उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से जुड़े बताए गए हैं, जबकि कुछ स्थानीय स्तर पर कलियर दरगाह क्षेत्र में भी निवासरत पाए गए।

पुलिस टीम ने संभाला मोर्चा

अभियान का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी ने किया। उनके साथ उपनिरीक्षक विनोद कुमार गोला, हेड कांस्टेबल जमशेद अली, कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, सुनील चौहान, प्रकाश मनराल और सुबोध पुरोहित सहित पुलिस टीम मौजूद रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं को ठगी व भ्रम से बचाने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम…

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में एक नई बहस भी शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि धार्मिक आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करना अपराध है तो फिर दरगाह परिसर और वक्फ संपत्तियों पर वर्षों से अवैध कब्जा जमाए बैठे प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

कलियर दरगाह क्षेत्र में लंबे समय से वक्फ भूमि, दुकानों, सरायों और अन्य संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जों को लेकर विवाद उठते रहे हैं। कई बार जांच की मांग हुई, शिकायतें हुईं, लेकिन जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई दिखाई नहीं दी।

लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या “ऑपरेशन कालनेमी” केवल गरीब और कमजोर तबके के लोगों तक सीमित रहेगा या फिर उन प्रभावशाली लोगों तक भी पहुंचेगा जो वर्षों से दरगाह की संपत्तियों पर कब्जा जमाए बैठे हैं?

वक्फ बोर्ड और दरगाह प्रबंधन पर भी सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दरगाह की संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी दरगाह प्रबंधन तथा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की है। यदि वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं तो उन्हें चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया अब तक प्रभावी क्यों नहीं हो पाई? क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई तो लगातार होती है, लेकिन रसूखदार लोगों तक कानून का हाथ पहुंचने में अक्सर देरी क्यों हो जाती है।

क्या बड़े “कालनेमी” भी आएंगे रडार पर?

पुलिस का वर्तमान अभियान धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ एक सख्त संदेश माना जा रहा है। हालांकि अब क्षेत्र की जनता की नजर इस बात पर है कि क्या भविष्य में प्रशासन, वक्फ बोर्ड और दरगाह प्रबंधन उन प्रभावशाली कब्जाधारियों और कथित रसूखदार तत्वों के खिलाफ भी उतनी ही सख्ती दिखाएंगे, जिनके नाम वर्षों से चर्चाओं में आते रहे हैं।

फिलहाल “ऑपरेशन कालनेमी” के तहत 40 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन कलियर की जनता के बीच यह सवाल अब भी गूंज रहा है कि दरगाह की संपत्तियों में छिपे बड़े और रसूखदार ‘कालनेमी’ आखिर कब कानून के दायरे में आएंगे?

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