पिरान कलियर रैन बसेरा भगवान भरोसे, सुपरवाइजर का डेरा दरगाह दफ्तर में! व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल,, ड्यूटी पॉइंट छोड़ ‘मलाईदार पोस्टिंग’ की तलाश? सफाई व्यवस्था चरमराई, कूड़े के ढेर से बिगड़ी तस्वीर,, ड्यूटी चार्ट बदलने के बाद भी नहीं बदली कार्यशैली! आखिर किसके संरक्षण में चल रही मनमानी, जांच की उठी मांग,,

पिरान कलियर रैन बसेरा भगवान भरोसे, सुपरवाइजर का डेरा दरगाह दफ्तर में! व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल,,
ड्यूटी पॉइंट छोड़ ‘मलाईदार पोस्टिंग’ की तलाश? सफाई व्यवस्था चरमराई, कूड़े के ढेर से बिगड़ी तस्वीर,,
ड्यूटी चार्ट बदलने के बाद भी नहीं बदली कार्यशैली! आखिर किसके संरक्षण में चल रही मनमानी, जांच की उठी मांग,,

पिरान कलियर। पिरान कलियर दरगाह क्षेत्र में हाल ही में किए गए सुपरवाइजरी सिस्टम और ड्यूटी चार्ट में बदलाव के बावजूद व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि रैन बसेरे की जिम्मेदारी संभालने वाले एक सुपरवाइजर अपने निर्धारित कार्यस्थल पर कम और दरगाह कार्यालय के आसपास अधिक समय बिताते दिखाई देते हैं। इसका असर सीधे रैन बसेरे की साफ-सफाई और रखरखाव पर पड़ रहा है।


सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले दरगाह क्षेत्र में प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से सुपरवाइजरों और कर्मचारियों के ड्यूटी चार्ट में बदलाव किया था। चर्चा है कि एक सुपरवाइजर ने अपनी ड्यूटी बदलवाने के लिए रुड़की से लेकर देहरादून तक काफी प्रयास किए, लेकिन प्रशासन ने बदलाव को यथावत रखा। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित सुपरवाइजर आज भी अपने निर्धारित ड्यूटी पॉइंट पर पूरी तरह सक्रिय रहने के बजाय दरगाह कार्यालय के आसपास ही अधिक दिखाई देते हैं।
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि संबंधित सुपरवाइजर लंबे समय से प्रभावशाली माने जाते रहे हैं और इसी प्रभाव के चलते उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ड्यूटी चार्ट केवल कागजों तक सीमित रह जाए और जिम्मेदार कर्मचारी अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित रहें, तो व्यवस्था सुधारने के सभी प्रयास बेअसर साबित होंगे। लोगों ने मांग की है कि दरगाह प्रशासन बिना किसी पक्षपात के मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करे, ड्यूटी रजिस्टर और उपस्थिति की समीक्षा करे तथा यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन केवल आदेश जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेगा, या फिर जमीन पर भी उन आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। रैन बसेरे की व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा को देखते हुए इस मामले में पारदर्शी जांच और जवाबदेही समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।



