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कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियां युद्धस्तर पर: 25 जुलाई तक चाक-चौबंद होंगी सभी व्यवस्थाएं, डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश,, चारधाम और कांवड़ यात्रियों को राहत: सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों की दिन-रात मरम्मत, एक दिन में 336.5 मीटर निर्माण कार्य पूरा,, झाड़ी कटान, सड़क मरम्मत, डामरीकरण, शौचालय-स्नानघर सुधार और सफाई अभियान तेज; प्रशासन बोला—श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता,,

कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियां युद्धस्तर पर: 25 जुलाई तक चाक-चौबंद होंगी सभी व्यवस्थाएं, डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश,,

चारधाम और कांवड़ यात्रियों को राहत: सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों की दिन-रात मरम्मत, एक दिन में 336.5 मीटर निर्माण कार्य पूरा,,

झाड़ी कटान, सड़क मरम्मत, डामरीकरण, शौचालय-स्नानघर सुधार और सफाई अभियान तेज; प्रशासन बोला—श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता,,

हरिद्वार, 5 जुलाई। आगामी कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने तैयारियों को पूरी रफ्तार दे दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सभी विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 25 जुलाई तक कांवड़ यात्रा से जुड़ी सभी मूलभूत सुविधाएं, सड़कें, सफाई व्यवस्था और आवश्यक निर्माण कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएंगे ताकि 30 जुलाई से शुरू होने वाली पावन कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए जहां-जहां सीवरेज कार्यों के कारण सड़कें खोदी गई हैं, वहां तत्काल मरम्मत कार्य पूरा किया जाए। साथ ही कांवड़ मार्गों पर सफाई, झाड़ी कटान, डामरीकरण और अन्य सभी व्यवस्थाएं तय समय के भीतर पूरी की जाएं।प्रशासन के अनुसार हाल ही में प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भी सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। अब उन निर्देशों का धरातल पर तेजी से पालन किया जा रहा है और विभिन्न विभाग अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार कार्यों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

सीवरेज कार्यों से प्रभावित सड़कों की तेजी से हो रही मरम्मत

हरिद्वार शहर में सीवरेज परियोजना के कारण कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई थीं, जिससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को दिन-रात निर्माण कार्य कर सड़कें शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए।परियोजना प्रबंधक, निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई, गंगा उत्तराखंड पेयजल निगम मिनाक्षी मित्तल ने बताया कि केएफडब्ल्यू वित्तपोषित हरिद्वार जलोत्सारण योजना के तहत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। बीते एक दिन में दोनों पैकेजों के अंतर्गत कुल 336.5 मीटर सड़क निर्माण कार्य पूरा किया गया है।

पैकेज-01 के अंतर्गत शिवा फार्म सीसी रोड पर 44.3 मीटर, गायत्री तपोवन में 3.8 मीटर, राणा कॉलोनी में 36.1 मीटर, जामु यात्री भवन क्षेत्र में 12.2 मीटर, शांति मार्ग में 21.1 मीटर तथा प्रेम विहार कॉलोनी में 10 मीटर सहित कुल 127.5 मीटर सड़क निर्माण पूरा किया गया। इसी प्रकार पैकेज-02 के अंतर्गत लोक सेवा आयोग मार्ग पर 78 मीटर, मोहन एनक्लेव में 39 मीटर, राज विहार फेस-1 में 57 मीटर सीसी रोड, 15 मीटर पेवर ब्लॉक तथा राज विहार फेस-3 में 20 मीटर सड़क निर्माण सहित कुल 209 मीटर कार्य पूरा किया गया। अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य भी लगातार दिन-रात कराए जा रहे हैं।

कांवड़ पटरी मार्ग पर युद्धस्तर पर चल रहा सुधार कार्य

कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं। इसे देखते हुए जिला पंचायत ने कांवड़ पटरी मार्ग को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने का अभियान शुरू कर दिया है।अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश बिश्नोई ने बताया कि लिवरहेडी से मोहम्मदपुर झाल तथा उत्तरा टेक कॉलेज से कलियर की ओर जाने वाले कांवड़ पटरी मार्ग पर झाड़ी कटान तेजी से कराया जा रहा है। इसके अलावा पूरे मार्ग पर स्थित शौचालयों और स्नानघरों की मरम्मत एवं सफाई का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और निर्धारित समय सीमा से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

सिंचाई विभाग और एनएचएआई भी पूरी तरह सक्रिय

प्रशासन की तैयारियों में सिंचाई विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सिंचाई विभाग रुड़की ने कांवड़ पटरी मार्ग पर नालियों की सफाई शुरू कर दी है ताकि वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या न हो। वहीं एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों और कांवड़ मार्गों पर सड़क मरम्मत, गड्ढों की भराई और डामरीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्ग पूरी तरह दुरुस्त कर दिए जाएंगे।

चारधाम यात्रा के साथ कांवड़ यात्रा पर विशेष फोकस

वर्तमान समय में चारधाम यात्रा भी जारी है। ऐसे में हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बनी हुई है। प्रशासन ने दोनों धार्मिक यात्राओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाई है ताकि यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को यातायात संबंधी परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का भी पूरी तरह पालन किया जाए और जहां कार्य चल रहा है वहां पर्याप्त संकेतक एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

25 जुलाई तक सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य

जिला प्रशासन ने सभी विभागों के लिए स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की है। 25 जुलाई तक सड़क मरम्मत, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, स्नानघर, झाड़ी कटान, जल निकासी, डामरीकरण तथा अन्य सभी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि हर विभाग की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। जहां भी कार्यों में धीमी गति दिखाई दे रही है, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव

प्रशासन का मानना है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी होने से इस वर्ष कांवड़ यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित होगी। सड़कों की बेहतर स्थिति, स्वच्छ वातावरण, सुगम पैदल मार्ग, साफ-सुथरे शौचालय और बेहतर यातायात व्यवस्था का लाभ सीधे लाखों शिवभक्तों को मिलेगा।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करते हुए हरिद्वार को कांवड़ यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार किया जाए।

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