प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में पारदर्शिता की नई पहल: ग्राम पंचायत गढ़ में खुली बैठक में हुआ लाभार्थियों का चयन,, ग्रामीणों के समक्ष सार्वजनिक रूप से पढ़ी गई पात्र लाभार्थियों की सूची, सर्वसम्मति से चयन प्रक्रिया पर लगी मुहर,, जर्जर मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के नए आवेदन भी लिए गए, जांच के बाद पात्रों को सूची में शामिल करने का भरोसा

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में पारदर्शिता की नई पहल: ग्राम पंचायत गढ़ में खुली बैठक में हुआ लाभार्थियों का चयन,,
ग्रामीणों के समक्ष सार्वजनिक रूप से पढ़ी गई पात्र लाभार्थियों की सूची, सर्वसम्मति से चयन प्रक्रिया पर लगी मुहर,,
जर्जर मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के नए आवेदन भी लिए गए, जांच के बाद पात्रों को सूची में शामिल करने का भरोसा
बहादराबाद/हरिद्वार। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के चयन को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से विकासखंड बहादराबाद की ग्राम पंचायत गढ़ में शनिवार को विशेष खुली बैठक आयोजित की गई। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस बैठक में संभावित लाभार्थियों की सूची ग्रामीणों के समक्ष सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत की गई तथा योजना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक का संचालन ग्राम विकास अधिकारी अनुज चौहान ने किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान जावेद हसन, पूर्व उपप्रधान मौ. नफीस, महावीर चौहान, स्वराज सैनी, ग्राम पंचायत सदस्य नाजरीन, राव मुजीब, राजकुमार, सुमित जरावरे, इब्राहिम, वसीम, तस्मीन, अरशद, शमशाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत तैयार की गई संभावित पात्र लाभार्थियों की सूची का सार्वजनिक वाचन किया गया। ग्राम विकास अधिकारी अनुज चौहान ने बताया कि सूची को पहले ही पंचायत भवन के सूचना पट्ट एवं सार्वजनिक घोषणा के माध्यम से उपलब्ध करा दिया गया था, जिससे प्रत्येक ग्रामीण उसे देख सके और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों का चयन पूरी तरह केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। इसमें किसी प्रकार की सिफारिश या पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं होती। योजना का उद्देश्य केवल वास्तविक रूप से गरीब, बेघर एवं कच्चे या जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है।
बैठक में सूची पर विस्तृत चर्चा हुई। उपस्थित ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया का स्वागत करते हुए इसे निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। बैठक के दौरान किसी भी ग्रामीण द्वारा कोई आपत्ति या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। सभी उपस्थित लोगों ने चयन प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना की।
इस दौरान कुछ ऐसे परिवार भी बैठक में पहुंचे, जिनके मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं और रहने योग्य नहीं बचे हैं। इन परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने उनकी स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए भरोसा दिलाया कि नियमानुसार जांच कर पात्र पाए जाने पर उन्हें भी लाभार्थी सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि कोई भी वास्तविक जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
ग्राम विकास अधिकारी अनुज चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े गरीब व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत में खुली बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और ग्रामीण स्वयं इसकी निगरानी कर सकें।
बैठक के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन की पारदर्शी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि खुली बैठक के माध्यम से लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। सभी ने एकमत होकर चयन प्रक्रिया पर अपनी सहमति जताई और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देने के निर्णय का स्वागत किया।
बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र प्रत्येक गरीब परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करता रहेगा।



