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हरेला पर्व पर हरिद्वार ने लिया हरियाली का संकल्प, 30 हजार पौधों से गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश,, नगर वन देवपुर में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने रुद्राक्ष का पौधा रोपकर किया अभियान का शुभारंभ, बोले— हर परिवार बने हरियाली का प्रहरी,, हरेला पर्व पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने किया पौधरोपण, हरित उत्तराखण्ड के निर्माण का लिया संकल्प,,

इस अवसर पर मेयर श्रीमती किरण जैसल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, भाजपा नेता लव शर्मा, आशु चौधरी, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, अपर मुख्य वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

हरेला पर्व पर हरिद्वार ने लिया हरियाली का संकल्प, 30 हजार पौधों से गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश,,

नगर वन देवपुर में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने रुद्राक्ष का पौधा रोपकर किया अभियान का शुभारंभ, बोले— हर परिवार बने हरियाली का प्रहरी,,

हरेला पर्व पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने किया पौधरोपण, हरित उत्तराखण्ड के निर्माण का लिया संकल्प,,

हरिद्वार, 16 जुलाई। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला-2026 के अवसर पर हरिद्वार जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश पूरे उत्साह और जनभागीदारी के साथ दिया गया। वन विभाग द्वारा नगर वन देवपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान हरित हरिद्वार अभियान के अंतर्गत जनपद में 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

मुख्य अतिथि सतपाल महाराज ने हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति में प्रकृति की पूजा सदियों से होती आई है। हरेला पर्व हमें केवल पौधे लगाने का संदेश नहीं देता, बल्कि प्रकृति के संरक्षण और उसके प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है, तब प्रत्येक नागरिक का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान उसके हिमालय, घने जंगलों, पवित्र नदियों और जैव विविधता से है। यही प्राकृतिक धरोहर राज्य के पर्यटन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो पर्यटन भी मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन मिल सकेगा।

पर्यटन मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी अपनी जिम्मेदारी समझकर करे। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक उनका संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और सुरक्षित पर्यावरण की अमूल्य धरोहर है। समाज और सरकार यदि मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें, तो उत्तराखण्ड को हरित और समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवीन्द्र पुरी महाराज ने भी हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है। ऋषि-मुनियों ने सदियों पहले ही प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया था। उन्होंने लोगों से पीपल, वट और नीम जैसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों का अधिकाधिक रोपण करने की अपील करते हुए कहा कि यदि प्रतिदिन पौधा लगाना संभव न हो तो प्रत्येक व्यक्ति हर माह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए।

गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए तो आने वाले वर्षों में हरिद्वार और अधिक हराभरा बन सकेगा। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए जनसहभागिता को आवश्यक बताया।कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम का संचालन एसडीओ वन विभाग पूनम कैंथोला ने किया।

इस अवसर पर मेयर श्रीमती किरण जैसल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, भाजपा नेता लव शर्मा, आशु चौधरी, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, अपर मुख्य वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

हरेला पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। हरित हरिद्वार अभियान के तहत 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य जिले को हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

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