उत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

कुंभ-2027 की तैयारियों में जुटी उत्तराखंड पुलिस, हरिद्वार में 208 पुलिसकर्मियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण,, छह दिवसीय तृतीय चरण के प्रशिक्षण में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा रणनीति और कुंभ पुलिसिंग की बारीकियों पर हुआ मंथन,, हर की पैड़ी, चंडी चौक और प्रमुख यात्रा मार्गों का कराया गया फील्ड भ्रमण, विशेषज्ञों ने साझा किए कुंभ प्रबंधन के अनुभव,,

कुंभ-2027 की तैयारियों में जुटी उत्तराखंड पुलिस, हरिद्वार में 208 पुलिसकर्मियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण,,

छह दिवसीय तृतीय चरण के प्रशिक्षण में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा रणनीति और कुंभ पुलिसिंग की बारीकियों पर हुआ मंथन,,

हर की पैड़ी, चंडी चौक और प्रमुख यात्रा मार्गों का कराया गया फील्ड भ्रमण, विशेषज्ञों ने साझा किए कुंभ प्रबंधन के अनुभव,,

हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में उत्तराखंड पुलिस ने अपनी तैयारियों को और गति दे दी है। पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड, देहरादून के निर्देशानुसार सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र (एटीसी), हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 प्रशिक्षण के तृतीय चरण का छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में उत्तराखंड के सभी जनपदों, पीएसी तथा आईआरबी इकाइयों से आए कुल 208 प्रशिक्षु पुलिसकर्मी भाग ले रहे हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश देवली ने किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को कुंभ मेले के इतिहास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व, कुंभ की संकल्पना तथा सदियों पुरानी परंपराओं से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जहां करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे विशाल आयोजन में पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, मार्गदर्शन, आपदा प्रबंधन और बेहतर समन्वय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

प्रशिक्षण के दूसरे महत्वपूर्ण सत्र में सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद घिल्डियाल ने भीड़ प्रबंधन पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को भीड़ के विभिन्न प्रकार, कुंभ मेले में आने वाली विशाल भीड़ की मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियां, भीड़ नियंत्रण के वैज्ञानिक सिद्धांत, सुरक्षा योजनाओं का निर्माण तथा पूर्व कुंभ मेलों के केस स्टडी के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने बताया कि समय पर निर्णय, बेहतर समन्वय और प्रभावी संचार व्यवस्था किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता की आधारशिला होते हैं।

प्रशिक्षण में देहरादून से 14, हरिद्वार से 16, पौड़ी गढ़वाल से 12, टिहरी गढ़वाल से 10, उत्तरकाशी से 9, रुद्रप्रयाग से 9, चमोली से 9, ऊधमसिंह नगर से 17, नैनीताल से 19, अल्मोड़ा से 11, बागेश्वर से 8, चंपावत से 9, पिथौरागढ़ से 10, 31वीं पीएसी से 11, 40वीं पीएसी से 12, 46वीं पीएसी से 12 तथा आईआरबी प्रथम एवं द्वितीय से 10-10 प्रशिक्षु शामिल हैं। सभी प्रतिभागियों को कुंभ मेले के दौरान पुलिसिंग की आधुनिक तकनीकों, समन्वित सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है।

प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा फील्ड विजिट भी रहा। इसके अंतर्गत प्रशिक्षुओं को हर की पैड़ी, चंडी चौक, आसपास के पार्किंग क्षेत्रों तथा प्रमुख यात्रा मार्गों का भ्रमण कराया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं की आवाजाही, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, आपदा प्रतिक्रिया और भीड़ नियंत्रण की रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी, ताकि प्रशिक्षु वास्तविक परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

उत्तराखंड पुलिस का मानना है कि कुंभ मेला-2027 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सुरक्षा, प्रबंधन और समन्वय की सबसे बड़ी परीक्षा भी है। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक पुलिसकर्मी कुंभ मेले की चुनौतियों का दक्षता और संवेदनशीलता के साथ सामना कर सके। अधिकारियों का विश्वास है कि यह प्रशिक्षण भविष्य में कुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Related Articles

Back to top button