छात्रों की आवाज़ पर सियासत तेज: राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का हमला,, NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन, सरकार पर दमनकारी रवैये का आरोप,, कांग्रेस बोली— छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की बजाय सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने में जुटी

छात्रों की आवाज़ पर सियासत तेज: राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का हमला,,
NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन, सरकार पर दमनकारी रवैये का आरोप,,
कांग्रेस बोली— छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की बजाय सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने में जुटी
नई दिल्ली। NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसदों और विपक्षी नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले एक महीने से देशभर के लाखों छात्र और युवा NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय विरोध की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर चर्चा करने के बजाय विरोध प्रदर्शन को दबाने की नीति अपना रही है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पेपर लीक का मुद्दा अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। अभिभावकों, छात्रों और आम जनता के बीच परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और उन्हें कठोर सजा दी जाए।
विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले में शिक्षा मंत्री का बचाव करने में लगी हुई है, जबकि छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। कांग्रेस ने कहा कि यदि सरकार युवाओं की आवाज़ को लगातार अनदेखा करती रही तो इसका राजनीतिक और सामाजिक असर भविष्य में देखने को मिलेगा।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि छात्रों और युवाओं के साथ हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ उसका संघर्ष जारी रहेगा। पार्टी ने दावा किया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी उचित नहीं है और जनता इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी राय लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त करेगी।
फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार पर दमनकारी रवैये का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।



