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कलियर उर्स से पहले प्रशासन ने कसी कमर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक शेठ की निगरानी में तैयारियों को अंतिम रूप,, चांद दिखते ही होगी ‘मेंहदी डोरी’ की रस्म, परचम कुशाई से शुरू होगा उर्स का सिलसिला; जायरीनों के लिए वाटरप्रूफ टेंट और जर्मन हैंगर तैयार,,

लंगर, टीनशेड, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस, जेएम का दो टूक संदेश—ड्यूटी में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

कलियर उर्स से पहले प्रशासन ने कसी कमर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक शेठ की निगरानी में तैयारियों को अंतिम रूप,,

चांद दिखते ही होगी ‘मेंहदी डोरी’ की रस्म, परचम कुशाई से शुरू होगा उर्स का सिलसिला; जायरीनों के लिए वाटरप्रूफ टेंट और जर्मन हैंगर तैयार,,

लंगर, टीनशेड, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस, जेएम का दो टूक संदेश—ड्यूटी में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

कलियर/हरिद्वार। पिरान कलियर स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक के उर्स को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाले जायरीनों की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ की निगरानी में उर्स क्षेत्र की व्यवस्थाओं का लगातार जायजा लिया जा रहा है और संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उर्स की महत्वपूर्ण रस्म ‘मेंहदी डोरी’ चांद दिखाई देने के साथ अदा की जाएगी। इससे पहले परचम कुशाई की रस्म के साथ उर्स के कार्यक्रमों का आगाज होगा। धार्मिक रस्मों की शुरुआत से पहले अधिकांश प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर लिए जाने का दावा किया जा रहा है।

जायरीनों के लिए तैयार किए गए विशेष इंतजाम

उर्स में बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन का सबसे ज्यादा जोर उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने पर है। मौसम को देखते हुए जायरीनों के लिए वाटरप्रूफ टेंट और जर्मन हैंगर जैसी व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं। इसके अलावा लंगर स्थलों, टीनशेड, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी व्यवस्थित किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि बारिश अथवा मौसम में अचानक बदलाव होने की स्थिति में जायरीनों को किसी तरह की परेशानी न हो। उर्स क्षेत्र में भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं। प्रशासन का फोकस केवल उर्स शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने पर नहीं, बल्कि पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी पर है।

जेएम दीपक शेठ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ ने उर्स की तैयारियों की निगरानी करते हुए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर काम करने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उर्स के दौरान प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को नियंत्रित रखते हुए जायरीनों को सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रवेश और निकासी वाले क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है। प्रशासनिक टीमें व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सक्रिय रहेंगी।

परचम कुशाई से धार्मिक रस्मों का होगा आगाज

दरगाह साबिर पाक का उर्स आस्था और श्रद्धा का बड़ा केंद्र है। उर्स के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन कलियर पहुंचते हैं। परचम कुशाई की रस्म के साथ उर्स का आगाज होने के बाद चांद दिखाई देने पर मेंहदी डोरी की महत्वपूर्ण रस्म अदा की जाएगी। इन रस्मों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और दरगाह प्रबंधन के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। उर्स की धार्मिक गरिमा के साथ-साथ जायरीनों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने की तैयारी है।

बारिश और भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता

उर्स के दौरान मौसम को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। बारिश की स्थिति में जलभराव और आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। वाटरप्रूफ टेंट और जर्मन हैंगर की व्यवस्था इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लंगर और टीनशेड से लेकर पेयजल एवं सफाई व्यवस्था तक संबंधित विभागों को अपने स्तर पर तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन चाहता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले जायरीनों को कलियर में किसी तरह की मूलभूत परेशानी न हो।

उर्स शुरू होने से पहले तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक शेठ की निगरानी में प्रशासनिक मशीनरी उर्स की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। अधिकांश प्रमुख व्यवस्थाएं तैयार होने के बाद अब कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने पर ध्यान दिया जा रहा है।प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कलियर अब जायरीनों के स्वागत के लिए तैयार हो रहा है। परचम कुशाई से उर्स का आगाज और चांद दिखते ही मेंहदी डोरी की रस्म के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। प्रशासन की निगरानी में तैयार की जा रही व्यवस्थाओं का मकसद यही है कि उर्स के दौरान आने वाले हर जायरीन को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक माहौल मिल सके।

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