सलेमपुर हादसे ने मचाई दहशत, जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा नदीम मलिक,, जिस पिकअप से परिवार की उम्मीदें जुड़ी थीं, उसी की बॉडी बनी हादसे का सबब; फर्मे किराये पर देकर परिवार चलाने वाले नदीम के लिए हर आंख में चिंता

सलेमपुर हादसे ने मचाई दहशत, जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा नदीम मलिक,,
जिस पिकअप से परिवार की उम्मीदें जुड़ी थीं, उसी की बॉडी बनी हादसे का सबब; फर्मे किराये पर देकर परिवार चलाने वाले नदीम के लिए हर आंख में चिंता

बहादराबाद/सलेमपुर। सलेमपुर में शुक्रवार को हुआ दर्दनाक हादसा जिसने भी सुना, वह सिहर उठा। मकानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कॉलम भरने के फर्मे किराये पर देने का काम करने वाले नदीम मलिक अपनी महिंद्रा पिकअप की रिपेयरिंग करा रहे थे। शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि कुछ ही पलों बाद यही काम उनके लिए जिंदगी की सबसे बड़ी मुश्किल बन जाएगा।
जानकारी के मुताबिक पिकअप की बॉडी उतारकर उसमें मरम्मत का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक भारी बॉडी का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे आ गिरी। नदीम मलिक इसकी चपेट में आकर बुरी तरह दब गए। अचानक हुए इस हादसे को देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। कुछ पल के लिए वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
लोगों ने दिखाई हिम्मत, किसी तरह बाहर निकाला
नदीम को बॉडी के नीचे दबा देखकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगों ने अपनी पूरी ताकत लगाकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद नदीम को बाहर निकाला गया और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में नदीम को गंभीर चोटें आई हैं। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए देहरादून स्थित महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
परिजनों की चिंता बढ़ी, हर कोई कर रहा सलामती की दुआ
नदीम के अस्पताल में भर्ती होने की खबर जैसे ही परिजनों और परिचितों तक पहुंची, चिंता की लहर दौड़ गई। परिवार के लोग उनकी सलामती को लेकर परेशान हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। गांव में भी लोग नदीम की हालत के बारे में जानकारी लेते नजर आए।
जिस व्यक्ति के साथ लोग रोजमर्रा के काम में मिलते-जुलते थे, आज उसके लिए हर कोई यही दुआ कर रहा है कि अल्लाह नदीम को जल्द से जल्द सेहत अता फरमाए और उन्हें सकुशल उनके परिवार के बीच वापस पहुंचाए।
एक पल की चूक और जिंदगी पर भारी पड़ा हादसा
नदीम मकानों के कॉलम भरने में इस्तेमाल होने वाले फर्मे किराये पर देकर अपना कारोबार चलाते थे। इन्हीं फर्मों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए पिकअप वाहन का इस्तेमाल किया जाता था। वाहन की रिपेयरिंग के दौरान हुई यह घटना कई सवाल भी छोड़ गई है।
भारी वाहन की बॉडी के नीचे काम करते समय पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं। एक छोटी सी चूक किस तरह किसी परिवार को चिंता और दर्द में डाल सकती है, सलेमपुर का यह हादसा इसका दर्दनाक उदाहरण है।
फिलहाल नदीम मलिक देहरादून के महंत इंद्रेश अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोग उनकी सलामती के लिए दुआगो हैं। हर किसी की जुबां पर बस एक ही बात है—“या अल्लाह, नदीम को जल्द शिफा अता फरमा।”



