सुमन नगर में कभी भी हो सकता है पुलिया ढहने से बड़ा हादसा! बरसाती पानी ने काट दी पुलिया की जमीन बन गया बड़ा गड्ढा, सील पैक काजवे के पाईप बन रहे मुसीबत,, सिल्ट-कबाड़ से बंद पड़े काजवे के पाइप, पानी ने बदली धारा तो पुलिया के नीचे शुरू हुआ खतरनाक कटाव; 200 परिवारों का मुख्य मार्ग खतरे में,, अगर बरसात और चली तो जल्द ही पुलिया हो सकती है डैमेज,, जिलाधिकारी हरिद्वार और सिंचाई विभाग से स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके का निरीक्षण कराने की मांग

सुमन नगर में कभी भी हो सकता है पुलिया ढहने से बड़ा हादसा! बरसाती पानी ने काट दी पुलिया की जमीन बन गया बड़ा गड्ढा, सील पैक काजवे के पाईप बन रहे मुसीबत,,
सिल्ट-कबाड़ से बंद पड़े काजवे के पाइप, पानी ने बदली धारा तो पुलिया के नीचे शुरू हुआ खतरनाक कटाव; 200 परिवारों का मुख्य मार्ग खतरे में,, अगर बरसात और चली तो जल्द ही पुलिया हो सकती है डैमेज,,
जिलाधिकारी हरिद्वार और सिंचाई विभाग से स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके का निरीक्षण कराने की मांग


हरिद्वार। सुमन नगर नहर पटरी पर जल निकासी की बदहाल व्यवस्था अब किसी बड़े हादसे को न्योता देती नजर आ रही है। काजवे के पाइप सिल्ट, कचरे और कबाड़ से इस कदर चोक हो चुके हैं कि बरसाती पानी को निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा। पानी ने अपना रुख बदला और अब इसकी सीधी मार दादूपुर गोविंदपुर की शिवगंगा विहार कॉलोनी को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली पुलिया पर पड़ रही है।
पानी के तेज बहाव ने पुलिया के आसपास की मिट्टी को काटना शुरू कर दिया है। मौके पर गहरा और चौड़ा गड्ढा बन चुका है। हालात लगातार बिगड़ते रहे तो पुलिया की नींव कमजोर होकर कभी भी जवाब दे सकती है। पुलिया टूटती है तो सिर्फ एक रास्ता नहीं टूटेगा, बल्कि शिवगंगा विहार और आसपास की आबादी का मुख्य मार्ग से संपर्क भी कट सकता है।
काजवे चोक, पानी बेकाबू और जिम्मेदार विभाग खामोश!
स्थानीय लोगों के मुताबिक सिडकुल, रोशनाबाद और आसपास के इलाकों से बरसात का पानी दादूपुर गोविंदपुर होते हुए नहर की ओर बहता है। इसी पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग की ओर से काजवे बनाया गया है। काजवे में छोटे-छोटे पाइप लगाए गए हैं, लेकिन इन पाइपों में सिल्ट, कचरा और कबाड़ जमा होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है।
जब पानी को काजवे से रास्ता नहीं मिला तो उसने अपना रास्ता बदल लिया। यही बदली हुई जलधारा अब उस छोटी पुलिया के नीचे और आसपास लगातार कटाव कर रही है, जो स्थानीय लोगों के लिए मुख्य आवागमन का रास्ता है।
‘एक बारिश और हुई तो पुलिया ढह सकती है’—स्थानीय लोगों की चिंता
शिवगंगा विहार निवासी मुकेश त्यागी ने बताया कि कॉलोनी में करीब 200 परिवार रहते हैं और बाहर निकलने के लिए यही मुख्य मार्ग है। उन्होंने कहा कि काजवे के पाइपों में अक्सर कचरा फंस जाता है और पाइप चोक रहने के कारण पानी दूसरी तरफ मुड़ जाता है। इससे पुलिया के पास कटाव बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि स्थिति इतनी गंभीर है कि स्थानीय लोगों ने गड्ढे के आसपास अस्थायी अवरोध लगाए हैं, ताकि कोई व्यक्ति या वाहन इसमें गिरकर हादसे का शिकार न हो जाए।
हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब काजवे के पाइप लंबे समय से चोक हैं और पानी के बहाव से पुलिया के नीचे लगातार कटाव हो रहा है, तो संबंधित विभाग अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं कर पाया?
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा?
जिलाधिकारी हरिद्वार और सिंचाई विभाग से स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही काजवे के सभी पाइपों की सफाई, पानी की धारा को सही दिशा में मोड़ने, कटाव रोकने और पुलिया को मजबूत करने के लिए तत्काल सुरक्षा कार्य कराने की मांग उठाई गई है।

बरसात के मौसम में हालात और बिगड़ने से पहले यदि जिम्मेदार विभाग नहीं चेता तो आज का यह गड्ढा कल पुलिया के ढहने की वजह बन सकता है। इसके बाद सैकड़ों लोगों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूटने के साथ-साथ गंभीर जनहानि का खतरा भी पैदा हो सकता है।
अब जरूरत निरीक्षण की नहीं, तत्काल कार्रवाई की है।



