दून में आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट! पुलिस ने घेरा तो बदमाशों ने खोल दिया मोर्चा, जवाबी फायरिंग में एक के पैर में लगी गोली,, ₹5 लाख की सुपारी लेकर बैंककर्मी की हत्या का प्लान! बड़ोवाला फायरिंग के आरोपी एनकाउंटर में दबोचे गए, साथी अंधेरे में जंगल के रास्ते फरार
एक बदमाश गोली लगने के बाद पुलिस के कब्जे में है, जबकि दूसरा अभी फरार है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है—₹5 लाख की इस कथित सुपारी के पीछे आखिर पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है और इस साजिश में कौन-कौन शामिल है?

दून में आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट! पुलिस ने घेरा तो बदमाशों ने खोल दिया मोर्चा, जवाबी फायरिंग में एक के पैर में लगी गोली,,
₹5 लाख की सुपारी लेकर बैंककर्मी की हत्या का प्लान! बड़ोवाला फायरिंग के आरोपी एनकाउंटर में दबोचे गए, साथी अंधेरे में जंगल के रास्ते फरार
देहरादून। दून में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ से हड़कंप मच गया। पटेलनगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान संदिग्ध बाइक सवार बदमाशों को रोकने की कोशिश की गई तो उन्होंने पुलिस को देखते ही बाइक दौड़ा दी। पुलिस ने पीछा किया तो बदमाश बाइक छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। पीछा कर रही पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग होते ही पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। दोनों तरफ से चली गोलियों के बीच एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में गायब हो गया।
मुठभेड़ में घायल बदमाश की पहचान अंकित चौहान (25) निवासी लक्सर, हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का देसी तमंचा, एक जिंदा और दो खोखा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी पुलिस के हाथ लगी है। फरार आरोपी की पहचान अंकुर निवासी लक्सर के रूप में हुई है, जिसकी तलाश में पुलिस जंगल और आसपास के इलाकों में कॉम्बिंग कर रही है।
बड़ोवाला फायरिंग से खुला खूनी साजिश का राज
पूरी कहानी की शुरुआत 8 सितंबर की उस वारदात से हुई, जब बड़ोवाला क्षेत्र में बाइक सवार दो युवकों ने बैंककर्मी सत्यम कुमार को गोली मार दी थी। पुलिस के अनुसार सत्यम अपनी रिश्तेदार साक्षी चौहान के साथ स्कूटी से घर लौट रहा था। आरोप है कि हमलावरों ने सुनसान स्थान पर स्कूटी के आगे बाइक लगाई और सत्यम को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगने से सत्यम घायल हो गया।
वारदात के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए हमलावरों की तलाश शुरू की। लगातार जांच के बीच पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी फिर देहरादून में हैं और किसी दूसरी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं।
इसके बाद पुलिस ने पटेलनगर क्षेत्र में चेकिंग बढ़ा दी। गोरखपुर चौक पर बिना नंबर की बाइक दिखाई दी तो पुलिस ने रुकने का इशारा किया। लेकिन बाइक सवारों ने रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने पीछा किया तो दोनों चाय बागान की पगडंडी पर बाइक छोड़कर जंगल में घुस गए। यहीं से शुरू हुआ पुलिस और बदमाशों के बीच एनकाउंटर।
₹5 लाख की सुपारी ने मचाया सनसनीखेज खुलासा
पुलिस के मुताबिक, घायल आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि सत्यम को रास्ते से हटाने के लिए ₹5 लाख की सुपारी दी गई थी। कथित तौर पर उसे ₹1.20 लाख एडवांस मिल चुके थे, जबकि बाकी रकम वारदात के बाद दी जानी थी।
पुलिस के अनुसार इस साजिश में मोहित और मालिया रहमान के नाम सामने आए हैं। पूछताछ में कथित तौर पर बताया गया कि सत्यम और मालिया की वर्ष 2020 में बैंक में नौकरी के दौरान पहचान हुई थी। पुलिस अब इस कथित साजिश में शामिल लोगों की भूमिका, रकम के लेन-देन और वारदात के पीछे के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
बताया गया कि वारदात के बाद आरोपी दिल्ली और हरियाणा भाग गए थे। पुलिस के अनुसार बची हुई रकम लेने के लिए दोनों दोबारा देहरादून पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की चेकिंग ने उनका रास्ता रोक दिया।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि घायल बदमाश ने 8 सितंबर को बड़ोवाला क्षेत्र में बैंककर्मी सत्यम कुमार पर जानलेवा हमला किया था। पूछताछ में सामने आया कि सत्यम को रास्ते से हटाने के लिए ₹5 लाख में सौदा तय हुआ था और बकाया रकम लेने आरोपी दोबारा देहरादून पहुंचे थे। पुलिस ने मौके से देसी तमंचा, कारतूस और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की है।
एक बदमाश गोली लगने के बाद पुलिस के कब्जे में है, जबकि दूसरा अभी फरार है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है—₹5 लाख की इस कथित सुपारी के पीछे आखिर पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है और इस साजिश में कौन-कौन शामिल है?



