कलियर उर्स में स्मार्ट सेफ्टी टैग बना बच्चों की सुरक्षा का कवच, 23 बिछड़े मासूम सुरक्षित पहुंचे अपनों तक,, तकनीक से बाल सुरक्षा मजबूत, विशेष ट्रैफिक प्लान से भीड़ भी नियंत्रित—हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी और मेला प्रभारी कमल मोहन भंडारी की व्यवस्थित रणनीति ने उर्स को कराया सफलतापूर्वक संपन्न

कलियर उर्स में स्मार्ट सेफ्टी टैग बना बच्चों की सुरक्षा का कवच, 23 बिछड़े मासूम सुरक्षित पहुंचे अपनों तक,,
तकनीक से बाल सुरक्षा मजबूत, विशेष ट्रैफिक प्लान से भीड़ भी नियंत्रित—हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी और मेला प्रभारी कमल मोहन भंडारी की व्यवस्थित रणनीति ने उर्स को कराया सफलतापूर्वक संपन्न
हरिद्वार/कलियर। पिरान कलियर शरीफ उर्स मेले में भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और परिवार से बिछड़ने वाले बच्चों की मदद के लिए हरिद्वार पुलिस की ओर से किए गए विशेष इंतजाम प्रभावी साबित हुए। Smart Safety Tag टीम के साथ समन्वय से 23 बिछड़े बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता एवं अभिभावकों से मिलाया गया, वहीं मेला प्रभारी कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में लागू किए गए विशेष ट्रैफिक प्लान ने भीड़ और वाहनों के दबाव को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के आदेश, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी भगवानपुर के पर्यवेक्षण में उर्स मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। पुलिस ने पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए QR Code आधारित Smart Safety Tag व्यवस्था को भी प्रभावी रूप से लागू किया।
23 बिछड़े बच्चों को मिला अपनों का साथ
उर्स मेले में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण भीड़ में बच्चों के परिजनों से बिछड़ने की आशंका बनी रहती है। इसी चुनौती को देखते हुए हरिद्वार पुलिस और नेक्सोरा टेक्नोलॉजी की Smart Safety Tag टीम ने आपसी समन्वय से बच्चों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क की व्यवस्था को मजबूत किया।
इस पहल के तहत कुल 23 गुमशुदा अथवा परिवार से बिछड़े बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता एवं अभिभावकों तक पहुंचाया गया।
QR Code आधारित टैग व्यवस्था में आवश्यकता पड़ने पर टैग को स्कैन कर संबंधित बच्चे के परिवार से संपर्क स्थापित करने में सहायता मिलती है। इससे भीड़भाड़ वाले आयोजन में बच्चों को सुरक्षित रखने और जल्द से जल्द उनके परिवार तक पहुंचाने में पुलिस एवं सहयोगी टीम को मदद मिली। 
कमल मोहन भंडारी का विशेष ट्रैफिक प्लान, भीड़ के बीच बनी व्यवस्था
उर्स मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी आमद और वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मेला प्रभारी कमल मोहन भंडारी द्वारा विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। यातायात को व्यवहारिक और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक जाम और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
विशेष ट्रैफिक प्लान के तहत भीड़ के दबाव के अनुसार यातायात को नियंत्रित और व्यवस्थित किया गया। पुलिसकर्मियों की तैनाती, वाहनों की आवाजाही को सुचारु रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी गई।
सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस ने उर्स मेले के सफल एवं व्यवस्थित संचालन में अहम भूमिका निभाई। मेला प्रभारी की व्यवहारिक रणनीति और पुलिस टीम की फील्ड स्तर पर सक्रियता के चलते उर्स मेले को बेहतर ढंग से संपन्न कराया गया।
तकनीक और पुलिसिंग का मेल बना सुरक्षा की मजबूत कड़ी
Smart Safety Tag की QR Code आधारित व्यवस्था केवल उर्स मेले तक सीमित रहने वाली पहल नहीं है। बड़े धार्मिक आयोजनों में इसका इस्तेमाल खोया-पाया केंद्र, पुलिस हेल्प डेस्क और स्वयंसेवी टीमों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के रूप में किया जा सकता है।
कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा, चारधाम यात्रा, मंदिर-दरगाह परिसर, पर्यटन स्थल, स्कूलों की शैक्षिक यात्राओं और अन्य बड़े सार्वजनिक आयोजनों में ऐसी तकनीक बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत कर सकती है।
परिजनों ने पुलिस और Smart Safety Tag टीम का जताया आभार
परिवार से बिछड़े बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद उनके परिजनों ने हरिद्वार पुलिस और Smart Safety Tag टीम के प्रयासों की सराहना की। परिजनों ने कहा कि भीड़भाड़ वाले मेले में बच्चे के बिछड़ने के बाद जिस तत्परता से सहायता मिली, उससे उन्हें अपने बच्चों को सुरक्षित वापस पाने में मदद मिली।
सराहनीय कार्य पर Smart Safety Tag टीम सम्मानित
उर्स मेले के दौरान बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने में किए गए सराहनीय कार्य को देखते हुए 11 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा Smart Safety Tag टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कलियर उर्स की यह व्यवस्था बताती है कि जब पुलिस की मुस्तैदी, आधुनिक तकनीक और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट एक साथ काम करते हैं तो बड़े से बड़े धार्मिक आयोजन को भी सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।
23 मासूमों की सुरक्षित घर वापसी और विशेष ट्रैफिक प्लान की सफलता—कलियर उर्स में हरिद्वार पुलिस की जनहित और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी तस्वीर सामने आई।



