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मंदिर की गद्दी के लिए खूनी खेल: शिवगढ़ में दो साधुओं की बेरहमी से हत्या, हरिद्वार पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई सनसनीखेज वारदात,, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर की सख्त मॉनिटरिंग में पथरी बड़ा खुलासा, सीसीटीवी, एफएसएल और थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार के पड़ताल तंत्र के दम पर तीन हत्यारोपी गिरफ्तार, चौथा फरार,, पहले शराब पार्टी, फिर पगड़ी पहनाकर बनाया महंत और रात में रेत दिया गला, सबूत मिटाने को शव गड्ढे में दफनाए और खून से सना गद्दा जला डाला,,

मंदिर की गद्दी के लिए खूनी खेल: शिवगढ़ में दो साधुओं की बेरहमी से हत्या, हरिद्वार पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई सनसनीखेज वारदात,,

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर की सख्त मॉनिटरिंग में पथरी बड़ा खुलासा, सीसीटीवी, एफएसएल और थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार के पड़ताल तंत्र के दम पर तीन हत्यारोपी गिरफ्तार, चौथा फरार,,

पहले शराब पार्टी, फिर पगड़ी पहनाकर बनाया महंत और रात में रेत दिया गला, सबूत मिटाने को शव गड्ढे में दफनाए और खून से सना गद्दा जला डाला,,

हरिद्वार। धर्म और आस्था के प्रतीक माने जाने वाले मंदिर को गद्दी की लालच ने खून से रंग दिया। थाना पथरी क्षेत्र के शिवगढ़ स्थित मंदिर में दो साधुओं की निर्मम हत्या के मामले का हरिद्वार पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चौथे आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

21 जुलाई को थाना पथरी पहुंचे पंकज निवासी ऐथल ने सूचना दी कि मंदिर के दो साधु संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हैं और मंदिर के पीछे ताजा गड्ढा खोदा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जब गड्ढे की खुदाई कराई गई तो उसमें से दो शव बरामद हुए, जिनकी पहचान सेवागिरी और पारसगिरी के रूप में हुई। इस सनसनीखेज घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और मंदिर में लगे सात सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि हत्या से पहले सभी आरोपी और मृतक एक साथ शराब पी रहे थे। एक अन्य वीडियो में सेवागिरी को पगड़ी पहनाकर मंदिर का नया महंत घोषित करने की रस्म भी रिकॉर्ड मिली। यही फुटेज पूरे हत्याकांड के खुलासे का सबसे मजबूत आधार बनी।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अंकुर उर्फ अखिलगिरी, जो करीब 11 वर्षों से मंदिर की गद्दी संभाल रहा था, सेवागिरी को नया महंत बनाए जाने से बुरी तरह नाराज था। पुलिस के अनुसार सेवागिरी और पारसगिरी को अखिलगिरी तथा फरार आरोपी उत्तमगिरी के निजी संबंधों की जानकारी हो गई थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और मृतक लगातार गद्दी सेवागिरी को सौंपने का दबाव बना रहे थे। इसी तनाव ने दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेसवार्ता के दौरान खुलासा करते हुए कहा कि 18 जुलाई की रात पहले सभी ने मंदिर में शराब पी। इसके बाद सेवागिरी को पगड़ी पहनाकर गद्दी सौंपी गई। देर रात जब दोनों साधु सो गए तो चारों आरोपियों ने पहले सीसीटीवी कैमरे बंद किए और फिर धारदार पाथल से सेवागिरी का गला रेत दिया। पारसगिरी को बाथरूम के पास पटककर उसके गले और शरीर पर कई वार किए गए, जिससे उसकी भी मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपियों ने मंदिर परिसर के पीछे गड्ढा खोदकर दोनों शव दफना दिए। हाल में फैले खून को साफ किया गया और खून से सने गद्दे को आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, प्रत्यक्षदर्शी उत्तम झा को भी धमकाया गया और मोबाइल व सिम तोड़कर कहीं दूर चले जाने की सलाह दी गई।

पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर 22 जुलाई को काठा पीर के जंगल में दबिश देकर अंकुर उर्फ अखिलगिरी, आशु पुत्र देवीचंद सैनी और राममिलन को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त दो फावड़े और एक पाथल भी बरामद कर लिए गए हैं। चौथा आरोपी उत्तमगिरी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि एफएसएल की रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मामले को मजबूत बनाते हैं। पुलिस समयबद्ध विवेचना पूरी कर जल्द न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करेगी, ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

हरिद्वार पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संगीन अपराध करने वालों के लिए जिले में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। मंदिर की गद्दी के लिए रची गई इस खूनी साजिश का खुलासा पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और तेज़ कार्रवाई का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया।

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