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ऑपरेशन प्रहार में हरिद्वार पुलिस का बड़ा प्रहार: अंतरराज्यीय ऑटो लिफ्टर गैंग का पर्दाफाश, 25 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद,, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर की सख्त मॉनिटरिंग में रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त कार्रवाई, दो शातिर वाहन चोर गिरफ्तार एक आरोपी निकला मोटर मैकेनिक, दादूपुर गोविंदपुर के खंडहर में बनाया था चोरी की बाइकों का अड्डा, नहीं बिकने पर पार्ट्स निकालकर बेचते थे वाहन; प्रेसवार्ता में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने किया बड़ा खुलासा

ऑपरेशन प्रहार में हरिद्वार पुलिस का बड़ा प्रहार: अंतरराज्यीय ऑटो लिफ्टर गैंग का पर्दाफाश, 25 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद,,

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर की सख्त मॉनिटरिंग में रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त कार्रवाई, दो शातिर वाहन चोर गिरफ्तार

एक आरोपी निकला मोटर मैकेनिक, दादूपुर गोविंदपुर के खंडहर में बनाया था चोरी की बाइकों का अड्डा, नहीं बिकने पर पार्ट्स निकालकर बेचते थे वाहन; प्रेसवार्ता में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने किया बड़ा खुलासा

हरिद्वार। जिले में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर आखिरकार हरिद्वार पुलिस ने बड़ा प्रहार करते हुए अंतरराज्यीय ऑटो लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ कर दिया। ऑपरेशन प्रहार के तहत एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में रानीपुर कोतवाली पुलिस और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर ऐसा खुलासा किया है, जिसने वाहन चोरी के पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। आरोपियों की निशानदेही पर हरिद्वार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई 25 मोटरसाइकिलें तथा बड़ी संख्या में वाहन पार्ट्स बरामद किए गए हैं।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेसवार्ता में बताया कि रानीपुर क्षेत्र में बीते कुछ समय से लगातार मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। स्वर्ण जयंती पार्क बीएचईएल, सेक्टर-4, औद्योगिक क्षेत्र, शिवालिक नगर, सलेमपुर चौक और अन्य स्थानों से स्प्लेंडर, प्लेटिना और एचएफ डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलें चोरी होने के मामलों ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की और तकनीकी सहयोग के लिए सीआईयू को जिम्मेदारी सौंपी।

गठित टीम ने प्रत्येक घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए, संदिग्धों की गतिविधियों का डिजिटल विश्लेषण किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर एक मजबूत जांच नेटवर्क तैयार किया। लगातार निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को सफलता तब मिली, जब 21 जुलाई को जमालपुर नहर पटरी के कच्चे रास्ते पर दो संदिग्ध युवकों को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भव्य उर्फ भोला निवासी बिजनौर और सुधीर कुमार निवासी हल्दौर, बिजनौर के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि भव्य पहले भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है और नशे का आदी है, जबकि उसका साथी सुधीर पेशे से मोटर मैकेनिक है। दोनों मिलकर हरिद्वार, ऋषिकेश, बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों से मोटरसाइकिलें चोरी करते थे। चोरी के बाद वाहनों को बेहद कम कीमत पर बेच दिया जाता था और जो बाइक नहीं बिकती थीं, उन्हें खोलकर उनके इंजन, टैंक, पहिए और अन्य महंगे पार्ट्स अलग-अलग बेच दिए जाते थे।

सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दादूपुर गोविंदपुर स्थित एक सुनसान खंडहर को चोरी की मोटरसाइकिलों का गोदाम बना रखा है। पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी कर वहां से 24 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें, कई वाहन पार्ट्स और अन्य सामान बरामद किया। बरामद वाहनों में रानीपुर, ज्वालापुर, नगर कोतवाली, सिडकुल, मंगलौर तथा उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से चोरी की गई मोटरसाइकिलें शामिल हैं। पुलिस अन्य बरामद वाहनों की भी पहचान कराने में जुटी हुई है।

पुलिस के अनुसार बरामद 25 मोटरसाइकिलों में अधिकांश हीरो स्प्लेंडर हैं, जबकि प्लेटिना, सुपर स्प्लेंडर और यामाहा एफजेड जैसी मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। कुछ वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर घिसे हुए पाए गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि आरोपी उनकी पहचान मिटाकर उन्हें बेचने की तैयारी में थे।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि हरिद्वार पुलिस अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। वाहन चोरी, नशा तस्करी, लूट और संगठित अपराध में शामिल किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पूरे ऑपरेशन में रानीपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नंदकिशोर ग्वाड़ी, उपनिरीक्षक चरण सिंह चौहान, सुधांशु कौशिक, अपर उपनिरीक्षक सुबोध घिल्डियाल सहित पुलिस टीम के कई जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं सीआईयू प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह बिष्ट और कांस्टेबल वसीम का तकनीकी सहयोग भी इस सफलता में निर्णायक साबित हुआ।

हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल रानीपुर क्षेत्र में वाहन चोरी की कई वारदातों का खुलासा हुआ है, बल्कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह की कमर भी टूट गई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के वाहनों के खरीदारों तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

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