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खाला टीरा में दिखी कौमी एकता की मिसाल! श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाश उत्सव पर मुस्लिम समाज ने फूल बरसाकर किया नगर कीर्तन का भव्य स्वागत… “एक नूर से सब जग उपजिया” — संत साधु सिंह ने दिया सर्व सांझी वालता का संदेश, बोले- गुरु घर सभी धर्मों को जोड़ने का मार्ग दिखाता है… “हाजी यूनुस की अगुवाई में मुस्लिम समाज में फूल मालाओं से हुआ भव्य स्वागत,….. गूंजे वाहेगुरु और भाईचारे के जयकारे” — सैकड़ों मुस्लिम समाज के लोगों ने नगर कीर्तन में शामिल होकर खाला टिरा से पेश की गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी तस्वीर…

खाला टीरा में दिखी कौमी एकता की मिसाल तस्वीर! श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाश उत्सव पर मुस्लिम समाज ने फूल बरसाकर किया नगर कीर्तन का भव्य स्वागत…

“एक नूर से सब जग उपजिया” — संत साधु सिंह ने दिया सर्व सांझी वालता का संदेश, बोले- गुरु घर सभी धर्मों को जोड़ने का मार्ग दिखाता है…

“हाजी यूनुस की अगुवाई में मुस्लिम समाज में फूल मालाओं से हुआ भव्य स्वागत,….. गूंजे वाहेगुरु और भाईचारे के जयकारे” — सैकड़ों मुस्लिम समाज के लोगों ने नगर कीर्तन में शामिल होकर खाला टिरा से पेश की गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी तस्वीर…

हरिद्वार। श्री गुरु अंगद देव जी महाराज के प्रकाश पर्व एवं बाबा लक्खी शाह बंजारा जी की पावन स्मृति में आयोजित 41वें वार्षिक जोड़ मेले के अवसर पर शनिवार को निकाले गए भव्य नगर कीर्तन ने खाला टीरा और आसपास के क्षेत्रों में भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत संदेश दिया। नगर कीर्तन जैसे ही खाला टीरा क्षेत्र में पहुंचा, वहां मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग एकत्रित होकर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं से स्वागत करने लगे। इस दौरान पूरे क्षेत्र में “वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह” और आपसी भाईचारे के जयकारे गूंजते रहे।

गुरुद्वारा श्री गुरु अंगद देव जी दरबार, ग्राम टीरा औरंगाबाद में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक समागम के अंतर्गत निकाले गए नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में संगत शामिल हुई। नगर कीर्तन के स्वागत के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने गुरु ग्रंथ साहिब के आगे नतमस्तक होकर सेवा भावना का परिचय दिया और सभी श्रद्धालुओं का सम्मानपूर्वक स्वागत किया।

इस अवसर पर गुरुद्वारा डेरा मोहनपुर, पहाड़गंज नई दिल्ली से पधारे संत साधु सिंह जी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी पूरी मानवता को एकता और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि “एक नूर से सब जग उपजिया, कौन भले को मंदे” का संदेश बताता है कि पूरी सृष्टि एक ही परमात्मा की रचना है और सभी मनुष्य समान हैं।

उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी महाराज ने अपने जीवनकाल में जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया। गुरु नानक देव जी के साथ भाई मरदाना जी मुस्लिम समाज से थे जबकि भाई बाला जी हिंदू समाज से थे। यह स्वयं इस बात का प्रमाण है कि सिख गुरुओं ने हमेशा सभी धर्मों को साथ लेकर चलने का मार्ग दिखाया।

संत साधु सिंह जी ने करतारपुर साहिब का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी के ज्योति ज्योत समाने के बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समाजों ने उन्हें अपना माना। आज भी करतारपुर में हिंदू और मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिलती है। गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी सभी धर्मों को प्रेम, सेवा और इंसानियत का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने विशेष रूप से यूनुस ठेकेदार, गुलजार अहमद, दिलशाद ठेकेदार तथा खाला टीरा के समस्त मुस्लिम समाज का धन्यवाद करते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने नगर कीर्तन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और संगत की सेवा की, वह समाज में सौहार्द और भाईचारे की नई मिसाल है।

तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में श्री अखंड पाठ साहिब, निशान साहिब की सेवा, नगर कीर्तन तथा विशाल कीर्तन दरबार का आयोजन किया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे रागी जत्थे और धर्म प्रचारक संगत को गुरबाणी का रसपान करा रहे हैं।

खाला टीरा में देखने को मिली यह तस्वीर एक बार फिर साबित करती है कि हरिद्वार की धरती केवल आस्था की ही नहीं बल्कि सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और गंगा-जमुनी संस्कृति की भी पहचान है। नगर कीर्तन के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब और विभिन्न समुदायों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत और भाईचारा सबसे बड़ा धर्म है।हाजी यूनुस ठेकेदार, गुलजार अहमद, दिलशाद ठेकेदार, जिशान, असलम, मरशैद, तस्लीम ठेकेदार, शाहिद, अमजद, नौशाद, मकसूद, रफीक, मुकर्रम,राकिब सहित सैकड़ों स्थानीय निवासी खाला टिरा शामिल हुए

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