हरिद्वार में ‘साइकिल क्रांति’ की दस्तक! पीएम मोदी की ईंधन बचाओ अपील का दिखा असर, अब बड़े अधिकारी भी छोड़ रहे सरकारी गाड़ियां,, अब CMO डॉ. आर.के. सिंह भी साइकिल से पहुंच रहे दफ्तर” — बोले, ‘पेट्रोल भी बचेगा, स्वास्थ्य भी सुधरेगा और पर्यावरण भी रहेगा सुरक्षित’,, “छोटा कदम… बड़ा संदेश!” — हरिद्वार के प्रशासनिक अधिकारियों की नई पहल बनी चर्चा का विषय, ‘फिट इंडिया’ और ‘ग्रीन इंडिया’ अभियान को मिली नई रफ्तार,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में ‘साइकिल क्रांति’ की दस्तक! पीएम मोदी की ईंधन बचाओ अपील का दिखा असर, अब बड़े अधिकारी भी छोड़ रहे सरकारी गाड़ियां,,
अब CMO डॉ. आर.के. सिंह भी साइकिल से पहुंच रहे दफ्तर” — बोले, ‘पेट्रोल भी बचेगा, स्वास्थ्य भी सुधरेगा और पर्यावरण भी रहेगा सुरक्षित’,,
“छोटा कदम… बड़ा संदेश!” — हरिद्वार के प्रशासनिक अधिकारियों की नई पहल बनी चर्चा का विषय, ‘फिट इंडिया’ और ‘ग्रीन इंडिया’ अभियान को मिली नई रफ्तार,,

रूड़की/हरिद्वार। देश के प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन संरक्षण और पेट्रोल बचाने को लेकर की गई अपील अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार से एक ऐसी प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली के साथ-साथ जनजागरूकता की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश दिया है। यहां बड़े प्रशासनिक अधिकारी अब सरकारी गाड़ियों की बजाय साइकिल को प्राथमिकता देते दिखाई दे रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा साइकिल से कार्यालय पहुंचने की पहल के बाद अब जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने भी इस अभियान को अपनाकर नई मिसाल पेश की है। बताया जा रहा है कि डॉ. सिंह अब नियमित रूप से साइकिल से कार्यालय पहुंच रहे हैं। उनकी यह पहल प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
डॉ. आर.के. सिंह का मानना है कि साइकिल चलाना केवल पेट्रोल बचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का भी एक मजबूत संदेश देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए है। यदि लोग छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों की बजाय साइकिल का उपयोग करें तो देश के स्तर पर पेट्रोल की बड़ी बचत संभव है।
उन्होंने कहा, “साइकिल अपनाइए… स्वास्थ्य भी बचाइए और पर्यावरण भी।” उनका कहना है कि साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है, प्रदूषण कम होता है और दैनिक जीवन में फिटनेस भी बनी रहती है। यह एक ऐसा विकल्प है जो व्यक्ति और समाज दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
दरअसल, केंद्र सरकार पिछले कुछ समय से ईंधन संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चला रही है। सरकारी बैठकों को अधिकतर ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने, अनावश्यक यात्राओं को कम करने और कारपूलिंग जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के प्रयास भी इसी दिशा का हिस्सा माने जा रहे हैं।
हरिद्वार के अधिकारियों की यह पहल अब आम जनता को भी प्रेरित करती दिखाई दे रही है। लोग इसे ‘फिट इंडिया’ और ‘ग्रीन इंडिया’ सोच से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की सादगी और जागरूकता यह संदेश दे रही है कि बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती — कई बार एक छोटी शुरुआत भी समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।



