ईदगाह से उठी ‘गाय को राष्ट्र पशु’ घोषित करने की मांग! मुस्लिम सेवा संगठन ने प्ले कार्ड लेकर दिया बड़ा संदेश, हरिद्वार में चर्चा तेज,, “गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक, सरकार करे राष्ट्र पशु घोषित” — मुस्लिम सेवा संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने ईद उल अज़हा की नमाज़ के बाद उठाई मांग, बोले- भाईचारा और पशु संरक्षण दोनों जरूरी,, “हाथों में प्ले कार्ड, जुबां पर सौहार्द का संदेश” — ईदगाह में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए मुस्लिम समाज ने दिया एकता, इंसानियत और सामाजिक सद्भाव का संदेश,,

ईदगाह से उठी ‘गाय को राष्ट्र पशु’ घोषित करने की मांग! मुस्लिम सेवा संगठन ने प्ले कार्ड लेकर दिया बड़ा संदेश, हरिद्वार में चर्चा तेज,,
“गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक, सरकार करे राष्ट्र पशु घोषित” — मुस्लिम सेवा संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने ईद उल अज़हा की नमाज़ के बाद उठाई मांग, बोले- भाईचारा और पशु संरक्षण दोनों जरूरी,,
“हाथों में प्ले कार्ड, जुबां पर सौहार्द का संदेश” — ईदगाह में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए मुस्लिम समाज ने दिया एकता, इंसानियत और सामाजिक सद्भाव का संदेश,,
हरिद्वार: ईद उल अज़हा (बकरा ईद) की नमाज़ के बाद हरिद्वार की ईदगाह में उस समय एक अलग और चर्चित तस्वीर देखने को मिली, जब मुस्लिम सेवा संगठन के कार्यकर्ता हाथों में प्ले कार्ड लेकर “गाय को राष्ट्र पशु घोषित करो” की मांग उठाते नजर आए। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और पशु संरक्षण का संदेश दिया।
ईद की नमाज़ के बाद बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के बीच संगठन के कार्यकर्ताओं ने गाय संरक्षण के समर्थन में प्ले कार्ड लहराए। “गाय को राष्ट्र पशु घोषित करो”, “गाय हमारी संस्कृति की पहचान” और “सौहार्द और संरक्षण साथ-साथ” जैसे संदेशों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। मौके पर मौजूद लोगों के बीच इस पहल को लेकर चर्चा भी तेज हो गई।
मुस्लिम सेवा संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश के करोड़ों लोग गाय को आस्था और सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज हमेशा से भाईचारे, इंसानियत और देश की एकता का समर्थक रहा है और समाज में सकारात्मक संदेश देना सभी की जिम्मेदारी है।
आकिब कुरैशी ने कहा कि गाय के संरक्षण को लेकर सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्र पशु घोषित किया जाना चाहिए ताकि उसके संरक्षण और संवर्धन को और मजबूती मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल का उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, आपसी सम्मान और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के कार्यकर्ता अनुशासित तरीके से मौजूद रहे और शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी मांग रखते दिखाई दिए। ईदगाह परिसर में मौजूद लोगों ने भी इस पहल को आपसी भाईचारे और संवाद का संदेश बताया।
ईद के मौके पर उठी इस मांग ने हरिद्वार में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। एक तरफ जहां संगठन इसे सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक सम्मान से जोड़ रहा है, वहीं राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं।
हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना रहा और किसी प्रकार की अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। मुस्लिम सेवा संगठन ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और सभी समुदायों के बीच प्रेम और सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
ईद जैसे बड़े धार्मिक अवसर पर इस तरह की मांग सामने आने के बाद हरिद्वार में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया है। अब देखना यह होगा कि इस मांग को लेकर आगे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है।



