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गंगा दशहरा पर हरिद्वार में हाई अलर्ट! लाखों श्रद्धालुओं के सैलाब से पहले ट्रैफिक पुलिस का मेगा प्लान लागू, शहरभर में डायवर्जन और भारी वाहनों की एंट्री पर ब्रेक,, “हर की पैड़ी से हाईवे तक सुरक्षा और सुचारु यातायात की चुनौती” — श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने बनाया विशेष ट्रैफिक ब्लूप्रिंट, शहर के कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू,, “जाम नहीं, व्यवस्था चाहिए!” — भारी वाहनों पर रोक, पार्किंग व्यवस्था मजबूत और चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात; गंगा दशहरा स्नान से पहले प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- गंगा दशहरा पर हरिद्वार में हाई अलर्ट! लाखों श्रद्धालुओं के सैलाब से पहले ट्रैफिक पुलिस का मेगा प्लान लागू, शहरभर में डायवर्जन और भारी वाहनों की एंट्री पर ब्रेक,,

“हर की पैड़ी से हाईवे तक सुरक्षा और सुचारु यातायात की चुनौती” — श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने बनाया विशेष ट्रैफिक ब्लूप्रिंट, शहर के कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू,,

“जाम नहीं, व्यवस्था चाहिए!” — भारी वाहनों पर रोक, पार्किंग व्यवस्था मजबूत और चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात; गंगा दशहरा स्नान से पहले प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में,,

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर इस बार लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में आ गई है। आस्था के इस विशाल समागम को देखते हुए शहरभर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया गया है। पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के साथ किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गंगा दशहरा स्नान पर्व के दौरान हर की पैड़ी, भीमगोड़ा, ऋषिकुल, चंडीघाट, प्रेमनगर आश्रम, भूपतवाला और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं का भारी दबाव रहने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक विभाग ने पूरे शहर में रूट डायवर्जन, पार्किंग प्लान और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक जैसे कदम लागू कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार शहर में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले कई गुना बढ़ सकती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती शहर को जाम से बचाना और श्रद्धालुओं को बिना परेशानी गंतव्य तक पहुंचाना है। इस बार ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर अलग-अलग सेक्टरों में पुलिस टीमों की तैनाती की गई है।

ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, देहरादून, रुड़की और नजीबाबाद की ओर से आने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। भारी वाहनों को शहर सीमा से पहले ही रोकने की योजना बनाई गई है, ताकि मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम किया जा सके।

शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। साथ ही पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। पुलिस कंट्रोल रूम को भी सक्रिय किया गया है और सीसीटीवी निगरानी के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि गंगा दशहरा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भीड़ प्रबंधन की बड़ी परीक्षा भी है। बीते वर्षों में जाम और अव्यवस्था को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं, इसलिए इस बार पहले से अधिक तैयारी की गई है।

उधर, स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने भी प्रशासन से व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

धर्मनगरी में गंगा दशहरा को लेकर श्रद्धा अपने चरम पर है, लेकिन इसके साथ ट्रैफिक व्यवस्था की बड़ी चुनौती भी खड़ी हो गई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस का यह मेगा प्लान जमीन पर कितना सफल साबित होता है।

गंगा दशहरा से पहले हरिद्वार में आस्था, सुरक्षा और व्यवस्था—तीनों की बड़ी परीक्षा शुरू हो चुकी है।

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