उत्तराखंड पुलिस का सम्मान vs सोशल मीडिया की अभद्रता,, एडवोकेट अरुण भदौरिया का बड़ा कदम — आरोपी केशव थलवाल पर कार्रवाई की मांग,, “मित्र पुलिस” को “मूत्र पुलिस” लिखकर अपमानित करने पर गरमाया मामला
इन्तजार रजा हरिद्वार 🚨 उत्तराखंड पुलिस का सम्मान vs सोशल मीडिया की अभद्रता,,
एडवोकेट अरुण भदौरिया का बड़ा कदम — आरोपी केशव थलवाल पर कार्रवाई की मांग,,
“मित्र पुलिस” को “मूत्र पुलिस” लिखकर अपमानित करने पर गरमाया मामला

सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अभद्र भाषा और बेबुनियाद आरोपों के खिलाफ अब कानूनी मोर्चा खुल चुका है। हरिद्वार के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण भदौरिया एडवोकेट ने एसएसपी हरिद्वार और डीजीपी उत्तराखंड को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपते हुए केशव तलबाल उर्फ केशव थलवाल के खिलाफ अपराध पंजीकृत करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी केशव थलवाल निवासी ग्राम कुरान पट्टी थाना लमगांव जिला टिहरी गढ़वाल के विरुद्ध पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं और वह एक अपराधी प्रवृत्ति के रूप में जाना जाता है। उसके ही खिलाफ उसकी माँ ने लिखित शिकायत सीएम पोर्टल पर की थी, जिस पर कार्रवाई के बाद केशव ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ वीडियो बनाकर गाली-गलौज, धमकी भरे आरोप और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
🔥 पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाकर वायरल किया विवादित वीडियो

शिकायत के अनुसार, कार्रवाई के बाद केशव थलवाल ने थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र रोतेला और सब इंस्पेक्टर बाबू खान की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए लिखा:
“गद्दारों से सावधान — यह मौका मिलते ही डंक मारते हैं, पहचान जरूरी है।”
इतना ही नहीं, आरोपी ने वीडियो में उत्तराखंड पुलिस को ‘मित्र पुलिस’ के बजाय ‘मूत्र पुलिस’ कहकर अपमानित किया। इससे न केवल पुलिस की छवि धूमिल हुई बल्कि पुलिस बल की भावना भी आहत हुई।
⚖️ एडवोकेट अरुण भदौरिया ने कहा — “ये केवल पुलिस का नहीं, राज्य की प्रतिष्ठा पर हमला है”
अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने अपने प्रार्थना पत्र में लिखा कि:
- उत्तराखंड पुलिस देश के उन बलों में से है जहां कई आईपीएस अधिकारी, इंस्पेक्टर और जवानों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है।
- जनता और पुलिस के बीच “मित्र पुलिस” की अवधारणा को कमजोर करने के लिए ऐसे लोग जानबूझकर गलत प्रचार और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
- इस प्रकार की गतिविधि आईटी एक्ट, मानहानि कानून और धमकी संबंधित धाराओं के अंतर्गत गंभीर अपराध है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब राज्य की पुलिस जनता की सुरक्षा, कानून और व्यवस्था बनाए रखने में दिन-रात लगी है, तब इस प्रकार की भाषा और धमकियां न केवल गलत हैं बल्कि कानून व्यवस्था के खिलाफ साजिश का रूप भी ले सकती हैं।
📌 आरोपी की मां की शिकायत से शुरू हुई थी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई उसकी माँ द्वारा दर्ज शिकायत पर आधारित थी। वही शिकायत बाद में सीएम पोर्टल पर भी अपडेट हुई जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लागू की थी।
लेकिन इसी कार्रवाई के विरोध में केशव थलवाल ने पुलिस और अधिकारियों को निशाना बनाकर वायरल वीडियो अभियान चलाया।
❗ मांग — तुरंत FIR दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी हो
एडवोकेट अरुण भदौरिया ने डीजीपी और एसएसपी से मांग की है कि:
- आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट, मानहानि, धमकी और सामाजिक असंतोष फैलाने की धाराओं में FIR दर्ज की जाए।
- सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के लिए साइबर सेल को निर्देशित किया जाए।
- इस प्रकार की घटनाओं को दोहराने वालों पर कठोर उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए।
🛑 यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति या एक वीडियो का नहीं है—यह सोशल मीडिया की अराजकता और कानून की गरिमा के बीच की लड़ाई बन चुका है। जहां एक ओर पुलिस व्यवस्था अपना सम्मान और छवि बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं कुछ लोग गलत भाषा और धमकी के जरिये व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि उत्तराखंड पुलिस इस शिकायती पत्र पर क्या एक्शन लेती है और क्या आरोपी के खिलाफ वह सख्त कदम उठाया जाता है जिसकी मांग की जा रही है।




