हरिद्वार में गूंजा श्रीराम का संदेश, मोरारी बापू की कथा के समापन पर मुख्यमंत्री धामी ने किया आध्यात्मिक भारत का आह्वान,, देवभूमि को विश्व की ‘आध्यात्मिक राजधानी’ बनाने की दिशा में सरकार तेज़ी से अग्रसर, चारधाम यात्रा ने तोड़े सभी पुराने रिकॉर्ड,, कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने का दोहराया संकल्प, प्रेमनगर आश्रम में संतों और हजारों श्रद्धालुओं के बीच मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां,,
समारोह में परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री सुनील सैनी, देशराज कर्णवाल, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, आदेश सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, विकास तिवारी, आशु चौधरी, लव शर्मा, विशाल गर्ग, मनोज गौतम, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, विक्रम भुल्लर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों रामभक्त मौजूद रहे।

हरिद्वार में गूंजा श्रीराम का संदेश, मोरारी बापू की कथा के समापन पर मुख्यमंत्री धामी ने किया आध्यात्मिक भारत का आह्वान,,
देवभूमि को विश्व की ‘आध्यात्मिक राजधानी’ बनाने की दिशा में सरकार तेज़ी से अग्रसर, चारधाम यात्रा ने तोड़े सभी पुराने रिकॉर्ड,,
कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने का दोहराया संकल्प, प्रेमनगर आश्रम में संतों और हजारों श्रद्धालुओं के बीच मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां,,
हरिद्वार, 8 जुलाई। हरिद्वार की पावन धरती मंगलवार को आध्यात्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और श्रीराम भक्ति के अद्भुत संगम की साक्षी बनी, जब प्रेमनगर आश्रम में आयोजित पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार की पवित्र भूमि पर उन्हें अद्वितीय आध्यात्मिक सुख और आनंद की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में पूज्य मोरारी बापू का आगमन स्वयं ईश्वर की विशेष कृपा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने मोरारी बापू के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि वे केवल श्रीराम कथा के वाचक नहीं हैं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, विचारों और जीवन-दर्शन के सच्चे संवाहक हैं। उन्होंने कहा कि बापू ने पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश पहुंचाकर करोड़ों लोगों को धर्म और मानवता की राह दिखाई है।
*LIVE: ज्वालापुर रोड, हरिद्वार में आयोजित श्रीराम कथा*
सनातन संस्कृति ही विश्व को दे सकती है शांति का मार्ग
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरी दुनिया युद्ध, आतंकवाद, हिंसा और अशांति जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत की सनातन संस्कृति का मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” सम्पूर्ण मानवता को एक परिवार मानने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यही विचार विश्व में स्थायी शांति और भाईचारे का आधार बन सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है और उत्तराखंड सरकार भी इसी सोच के साथ देवभूमि को विश्व की “आध्यात्मिक राजधानी” बनाने के लक्ष्य पर तेजी से कार्य कर रही है।
धार्मिक विरासत को नया स्वरूप देने के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्रदेश के प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना भी है।
चारधाम यात्रा ने बनाया नया इतिहास
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक यात्राओं ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट रहे हैं और केवल दो महीने के भीतर 45 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा में भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं, जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा में 55 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पूरे वर्ष में सीमित संख्या में ही श्रद्धालु इस यात्रा पर जा पाते थे, लेकिन बेहतर सड़क, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित यात्रा प्रबंधन के कारण अब बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं।उन्होंने बताया कि 5 जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को रवाना करने का सौभाग्य भी उन्हें प्राप्त हुआ, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।
कुंभ-2027 होगा दिव्य, भव्य और सुरक्षित
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगामी कुंभ-2027 का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार इसे अब तक का सबसे दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का विश्वव्यापी महापर्व है।
उन्होंने कहा कि सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र पर चलते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान को भी समान महत्व दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि संतों के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से कुंभ-2027 विश्व के लिए एक आदर्श आयोजन साबित होगा।
श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री धामी ने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मर्यादा, सत्य, सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति जैसे श्रीराम के जीवन मूल्य आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने त्रेतायुग में थे। यदि समाज इन आदर्शों का पालन करे तो राष्ट्र और अधिक मजबूत तथा समृद्ध बनेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और देवभूमि की पहचान पूरी दुनिया में और अधिक सशक्त होगी।
गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री के हरिद्वार आगमन पर गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, भाजपा पदाधिकारियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री सीधे प्रेमनगर आश्रम पहुंचे, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया।
संतों और जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
समापन समारोह में परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री सुनील सैनी, देशराज कर्णवाल, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, आदेश सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, विकास तिवारी, आशु चौधरी, लव शर्मा, विशाल गर्ग, मनोज गौतम, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, विक्रम भुल्लर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों रामभक्त मौजूद रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रेमनगर आश्रम श्रीराम के जयघोष, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री के संबोधन ने जहां श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार किया, वहीं उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई।



