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कोर यूनिवर्सिटी हॉस्टल में बीटेक छात्र ने की आत्महत्या,, पंखे से लटका मिला शव, नहीं मिला सुसाइड नोट पुलिस जांच में जुटी, यूनिवर्सिटी में शोक का माहौल

इन्तजार रजा हरिद्वार- कोर यूनिवर्सिटी हॉस्टल में बीटेक छात्र ने की आत्महत्या,,
पंखे से लटका मिला शव,, नहीं मिला सुसाइड नोट
पुलिस जांच में जुटी, यूनिवर्सिटी में शोक का माहौल

हरिद्वार के कोर यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बिहार निवासी 19 वर्षीय सुमित, जो बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था, ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब साथी छात्रों ने उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुलते देखा, तो उन्होंने तुरंत यूनिवर्सिटी प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी जब कमरे में घुसे तो उन्होंने देखा कि सुमित का शव पंखे से लटका हुआ है। इस दृश्य से यूनिवर्सिटी में अफरा-तफरी मच गई और छात्रों के बीच सदमे का माहौल बन गया।

सूचना पाकर शांतरशाह चौकी प्रभारी खेमेंद्र गंगवार पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल, रुड़की मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के पीछे की वजह का तुरंत पता नहीं चल पाया।

पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। बताया जा रहा है कि सुमित पढ़ाई में अच्छा था और हॉस्टल में सामान्य दिनचर्या का पालन करता था। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में उसके व्यवहार में कोई असामान्यता नजर नहीं आई थी। इस कारण से घटना ने और भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक होनहार छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया

चौकी प्रभारी खेमेंद्र गंगवार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और छात्रों व परिजनों से पूछताछ के बाद ही आत्महत्या के कारणों पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान की भी जांच कर रही है ताकि किसी सुराग तक पहुंचा जा सके।

इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है। कई छात्र स्तब्ध हैं और मित्रों के बीच यह चर्चा का विषय है कि मानसिक तनाव, अकेलापन या पढ़ाई का दबाव जैसी समस्याएं युवाओं को ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर सकती हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि यदि वे मानसिक रूप से परेशान महसूस कर रहे हों तो तुरंत अपने शिक्षकों, दोस्तों या काउंसलिंग सेल से संपर्क करें।

सुमित की मौत ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि सुमित की आत्महत्या के पीछे की असल वजह क्या थी, लेकिन फिलहाल पूरा यूनिवर्सिटी परिवार इस दुखद घटना से गहरे शोक में है।

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