सिडकुल–बहादराबाद हाईवे पर अवैध खनन भंडारण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का निर्णायक कार्रवाई की तैयारी,, एसडीएम सदर हरिद्वार जितेन्द्र कुमार का सख्त एक्शन प्लान तैयार, माफिया नेटवर्क पर होगा सीधा प्रहार,, खनन माफिया, कबाड़ी, अवैध उगाही और संरक्षण देने वालों पर चलेगा कानून का बुलडोजर
इन्तजार रज़ा हरिद्वार- सिडकुल–बहादराबाद हाईवे पर अवैध खनन भंडारण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का निर्णायक कार्रवाई की तैयारी,,
एसडीएम सदर हरिद्वार जितेन्द्र कुमार का सख्त एक्शन प्लान तैयार, माफिया नेटवर्क पर होगा सीधा प्रहार,,
खनन माफिया, कबाड़ी, अवैध उगाही और संरक्षण देने वालों पर चलेगा कानून का बुलडोजर

यह वही हाईवे है, जहां कभी औद्योगिक विकास और रोजगार की तस्वीर देखी जाती थी, लेकिन आज हालात यह हैं कि सड़क के दोनों ओर रेत, बजरी, रोड़ी के अवैध पहाड़, कबाड़ियों की अवैध मंडियां, अस्थायी ढांचे और हरे-भरे पेड़ों पर कब्जा कर लगाए गए बोर्ड प्रशासन की नाक के नीचे कानून को खुली चुनौती दे रहे हैं।
अवैध खनन भंडारण पर सीधी चोट, अब कोई ढील नहीं
एसडीएम सदर जितेन्द्र कुमार ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि सिडकुल–बहादराबाद हाईवे के दोनों ओर किसी भी तरह का अवैध खनन भंडारण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना लाइसेंस, बिना ई-चालान और बिना अनुमति किया गया हर भंडारण तत्काल हटाया जाएगा, सामग्री जब्त होगी और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजा बिस्कुट चौक से लेकर बहादराबाद की सीमा तक कई स्थानों पर हाईवे को ही गोदाम में तब्दील कर दिया गया है। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि घातक सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है। प्रशासन अब इन सभी हॉटस्पॉट्स को चिन्हित कर संयुक्त टीमों के साथ निरंतर अभियान चलाने जा रहा है।
मिनी ट्रैक्टर-ट्रॉली बना अवैध खनन का नया हथियार
जहां एक ओर कई स्टोन क्रेशर बंद किए जा चुके हैं, वहीं दूसरी ओर मिनी ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए अवैध खनन सामग्री का परिवहन धड़ल्ले से जारी है। यही माफियाओं का नया “बिजनेस मॉडल” बन चुका है।
छोटे वाहन, कम निगरानी और कथित सिस्टम की ढील—इन्हीं के सहारे करोड़ों का कैश आधारित अवैध कारोबार चल रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही है—
जब खनन पर रोक है, तो यह रेत-बजरी आखिर आ कहां से रही है?
और अगर सब कुछ अवैध है, तो अब तक यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा था?
कबाड़ी, रेडी-पटरी और अवैध उगाही गिरोह भी रडार पर
अतिक्रमण की जड़ें केवल सड़क किनारे ठेले या झोपड़ियों तक सीमित नहीं हैं। इसके पीछे एक संगठित अवैध उगाही तंत्र सक्रिय है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार कुछ प्रभावशाली लोग कबाड़ियों और रेडी-पटरी वालों से मासिक वसूली कर उन्हें संरक्षण दे रहे हैं।
एसडीएम सदर ने साफ किया है कि
✔ केवल अतिक्रमण करने वाले नहीं
✔ बल्कि अतिक्रमण को बढ़ावा देने वाले
✔ और अवैध उगाही करने वाले
सभी को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
जरूरत पड़ी तो पुलिस, खनन विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
हाईवे की सुंदरता, सुरक्षा और पर्यावरण से कोई समझौता नहीं
सिडकुल–बहादराबाद हाईवे के किनारे अवैध कब्जों ने न सिर्फ सड़क की सूरत बिगाड़ी है, बल्कि पर्यावरण और जनसुरक्षा को भी गंभीर खतरे में डाल दिया है। पेड़ों पर कब्जा, अस्थायी ढांचे और अवैध बोर्ड अब हटाए जाएंगे।
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि
🔹 कार्रवाई की वीडियोग्राफी होगी
🔹 दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए निगरानी बढ़ेगी
🔹 जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
प्रशासन का कड़ा संदेश – कानून से बड़ा कोई नहीं
यह कार्रवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति का इम्तिहान है। एसडीएम सदर जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि
अब न माफिया चलेंगे, न संरक्षण।
चाहे खनन माफिया हो, अवैध भंडारण करने वाला कारोबारी हो या अतिक्रमण से कमाई करने वाला कोई भी व्यक्ति—सब पर समान कानून लागू होगा।
स्थानीय जनता भी इस सख्ती से उम्मीद लगाए बैठी है कि यदि यह अभियान ईमानदारी और निरंतरता के साथ चला, तो सिडकुल–बहादराबाद हाईवे वर्षों बाद वास्तव में अतिक्रमण और अवैध खनन से मुक्त हो सकता है।
🔥 अब वक्त बयानबाजी का नहीं, ज़मीन पर निर्णायक कार्रवाई का है।
🔥 क्योंकि अगर कानून कमजोर पड़ेगा, तो माफिया मजबूत होंगे।
और अब प्रशासन कह रहा है—
“तैयार रहिए, अब बख्शा कोई नहीं जाएगा।



