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सड़क सुरक्षा माह: जीवन रक्षा का संकल्प,, गंगा सभा ने दिलाई सड़क सुरक्षा शपथ, नियमों के पालन का लिया सामूहिक प्रण,, परिवहन विभाग ने कहा—सड़क सुरक्षा नियम नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी है

इन्तजार रजा हरिद्वार- सड़क सुरक्षा माह: जीवन रक्षा का संकल्प,,

गंगा सभा ने दिलाई सड़क सुरक्षा शपथ, नियमों के पालन का लिया सामूहिक प्रण,,

परिवहन विभाग ने कहा—सड़क सुरक्षा नियम नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी है

हरिद्वार.. सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, जन-जागरूकता और जिम्मेदार यातायात व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज हरिद्वार में गंगा सभा द्वारा एक प्रभावशाली सड़क सुरक्षा शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक सहभागिता से सजे इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल कानून की बाध्यता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता गंगा सभा के अध्यक्ष श्री नितिन गौतम ने की, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। शपथ के दौरान लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

शपथ के माध्यम से जीवन रक्षा का संदेश

शपथ कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को यह संकल्प दिलाया गया कि वे—

  • दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का प्रयोग करेंगे
  • चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग सुनिश्चित करेंगे
  • वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करेंगे
  • तेज गति, लापरवाही और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाएंगे
  • सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की हर संभव सहायता करेंगे
  • अपने परिवार, समाज और संपर्क में आने वाले लोगों को भी सुरक्षित यातायात व्यवहार के लिए प्रेरित करेंगे

वक्ताओं ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि उनके पीछे किसी परिवार का उजड़ना, किसी मां-बाप का सहारा छिनना और किसी बच्चे का भविष्य अंधकार में जाना छिपा होता है।

गंगा सभा ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे समाज को केवल आस्था ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और संवेदनशीलता का भी संदेश दें। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक यातायात नियमों को जीवन का हिस्सा बना ले, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

कार्यक्रम में गंगा सभा के स्वागत मंत्री डॉ. सिद्धार्थ चक्रपाणि, सचिव शैलेश गौतम, सचिव उज्ज्वल पंडित, तथा तीर्थ पुरोहितगण हिमांशु वशिष्ठ, राजकुमार झा, अमित झा एवं वंश वशिष्ठ की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

परिवहन विभाग ने बताया सड़क सुरक्षा माह का महत्व

कार्यक्रम में परिवहन विभाग की सक्रिय सहभागिता भी देखने को मिली। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) श्री निखिल शर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुश्री नेहा झा एवं परिवहन कर अधिकारी सुश्री वरुणा सैनी ने सड़क सुरक्षा माह के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए आम नागरिकों से नियमों के पालन में सहयोग की अपील की।

निखिल शर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार:
“सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। यह हर नागरिक की सहभागिता से ही सफल हो सकती है। हेलमेट, सीट बेल्ट, गति नियंत्रण और मोबाइल से दूरी जैसे छोटे नियम बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं। सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य लोगों को दंड से नहीं, बल्कि समझाइश और जागरूकता से सुरक्षित बनाना है।”

जन-जागरूकता ही दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी रोकथाम

परिवहन अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही का परिणाम होती हैं। यदि समय रहते लोग नियमों को गंभीरता से लें, तो हजारों जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जनपद में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम, प्रवर्तन अभियान और संवादात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

संदेश साफ—सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सड़क सुरक्षा केवल एक माह का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक प्रक्रिया है। गंगा सभा द्वारा आयोजित यह शपथ कार्यक्रम न केवल जन-जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि यदि समाज और प्रशासन एक साथ कदम बढ़ाएं, तो सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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