अपराधअलर्टआपदाइन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरेंऑपरेशन कालनेमि

चार धाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट,, गढ़वाल कमिश्नर व आईजी गढ़वाल ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक,, यात्री सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं में कोई कमी बर्दाश्त नहीं

इन्तजार रजा हरिद्वार- चार धाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट,,

गढ़वाल कमिश्नर व आईजी गढ़वाल ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक,,

यात्री सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं में कोई कमी बर्दाश्त नहीं

ऋषिकेश/हरिद्वार 
वर्ष 2026 की प्रस्तावित चार धाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड प्रशासन ने अभी से तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से चार धाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने की, जबकि आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक में यात्रा से जुड़े सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। गढ़वाल कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चार धाम यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जीवनरेखा है। हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से देवभूमि पहुंचते हैं और उनकी सुविधा, सुरक्षा व विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


अभी से पूरी तैयारी के निर्देश

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा शुरू होने का इंतजार न किया जाए, बल्कि अभी से सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, सुलभ शौचालय, पार्किंग व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा के प्रथम पड़ाव ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण से लेकर सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि यात्रियों को प्रारंभ से ही सुचारु और सकारात्मक अनुभव मिल सके।


सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष जोर

आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। यात्रा मार्गों पर पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती समय से सुनिश्चित की जाए।

भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपात स्थितियों से निपटने के लिए पुख्ता प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। आईजी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी तरह की अव्यवस्था को तत्काल नियंत्रित किया जाएगा।


बरसात में अलर्ट रहने के निर्देश

बैठक में सीमा सड़क संगठन (BRO) को विशेष रूप से बरसात के मौसम में अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। गढ़वाल कमिश्नर ने कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पहले से तैयारी रखी जाए, ताकि यात्रा के दौरान मार्ग बाधित न हों। मशीनरी, संसाधन और मैनपावर हर समय तैयार अवस्था में रहें, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।


धार्मिक मर्यादा को लेकर सख्त नियम

बैठक में धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। निर्णय के अनुसार बद्रीनाथ धाम में सिंह द्वार से आगे किसी भी प्रकार का मोबाइल फोन और कैमरा ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाएगी।

इसी तरह केदारनाथ धाम में भी चबूतरे पर कैमरा चलाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन नियमों को सख्ती से लागू कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।


सामाजिक संस्थाओं से तालमेल के निर्देश

गढ़वाल कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा को सफल बनाने में समाज की भूमिका भी अहम होती है। भोजन, ठहराव, स्वच्छता और सेवा कार्यों में सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाए।


श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि

बैठक के दौरान दोहराया गया कि चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा ही प्रशासन का प्रथम कर्तव्य है। हर अधिकारी को अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करने के लिए कहा गया। गढ़वाल कमिश्नर ने साफ कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विनय शंकर पांडे, गढ़वाल कमिश्नर
“चार धाम यात्रा उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। सभी विभाग अभी से अपनी तैयारियां पूरी करें, ताकि यात्रा निर्विघ्न और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।”

राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल
“यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ नियंत्रण, यातायात और आपात स्थितियों से निपटने के लिए हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।”

प्रशासन की इस सक्रियता से स्पष्ट है कि वर्ष 2026 की चार धाम यात्रा को लेकर सरकार और प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं छोड़ना चाहता। समय रहते की जा रही यह तैयारी आने वाली यात्रा को और अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुखद बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

Related Articles

Back to top button