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शराब पीकर वाहन चलाना – जीवन के लिए घातक,, रोड सेफ्टी माह में परिवहन व आबकारी विभाग की संयुक्त जन-जागरूकता मुहिम,, शराब के ठेकों पर लगे चेतावनी बैनर, सेक्शन 185 के तहत सख़्त कार्रवाई का संदेश

इन्तजार रजा हरिद्वार- शराब पीकर वाहन चलाना – जीवन के लिए घातक,,

रोड सेफ्टी माह में परिवहन व आबकारी विभाग की संयुक्त जन-जागरूकता मुहिम,,

शराब के ठेकों पर लगे चेतावनी बैनर, सेक्शन 185 के तहत सख़्त कार्रवाई का संदेश

हरिद्वार।
सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी माह के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परिवहन विभाग एवं आबकारी विभाग के आपसी समन्वय से शहर के समस्त शराब विक्रय केंद्रों (वाइन शॉप्स) पर “डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव / शराब पीकर वाहन न चलाएं” विषयक चेतावनी बैनर लगाए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को शराब पीकर वाहन चलाने के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए सड़क दुर्घटनाओं में ठोस और स्थायी कमी लाना है।

रोड सेफ्टी माह के दौरान परिवहन विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि केवल चालान और दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है। शराब पीकर वाहन चलाना न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वयं चालक, उसके परिवार और सड़क पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बनता है।

शराब पीकर ड्राइविंग: दुर्घटनाओं का बड़ा कारण

इस अवसर पर एआरटीओ (प्रवर्तन) सुश्री नेहा झा ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के अंतर्गत यह एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद कई लोग लापरवाही बरतते हुए शराब सेवन के बाद वाहन चलाते हैं, जिससे हर वर्ष सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

सुश्री नेहा झा ने जानकारी देते हुए कहा कि रोड सेफ्टी माह के अंतर्गत आज शहर के सभी शराब के ठेकों पर विशेष जागरूकता बैनर लगाए गए हैं। इन बैनरों के माध्यम से स्पष्ट रूप से बताया गया है कि शराब पीकर वाहन चलाना कानूनन अपराध है और इसके लिए सख़्त दंड का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि धारा 185 के उल्लंघन पर पहली बार पकड़े जाने पर आरोपित व्यक्ति पर ₹10,000 का जुर्माना या 6 माह तक की सजा अथवा दोनों हो सकते हैं। वहीं दोबारा यह अपराध करने पर जुर्माने की राशि बढ़कर ₹15,000 हो जाती है और 2 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इन नियमों को हल्के में न लें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

सड़क सुरक्षा: हर नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी

एआरटीओ (प्रशासन) श्री निखिल शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन विभाग या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शराब सेवन के पश्चात वाहन चलाना न केवल चालक के जीवन को खतरे में डालता है, बल्कि पैदल चलने वालों, दोपहिया चालकों और अन्य वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।

उन्होंने बताया कि रोड सेफ्टी माह के दौरान इस प्रकार के जागरूकता अभियानों का उद्देश्य नागरिकों में जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करना है। जब तक आमजन स्वयं नियमों का पालन नहीं करेंगे, तब तक सड़क दुर्घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण संभव नहीं है।

आबकारी विभाग का पूर्ण सहयोग

जिला आबकारी अधिकारी श्री कैलाश बिजोली ने बताया कि इस अभियान में आबकारी विभाग द्वारा परिवहन विभाग को पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है। शराब विक्रय स्थलों पर लगाए गए जागरूकता बैनरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि शराब सेवन के बाद वाहन चलाना अवैधानिक ही नहीं, बल्कि जीवन के लिए अत्यंत घातक भी है।

उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग का प्रयास है कि शराब विक्रय के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपभोक्ता शराब सेवन के बाद सुरक्षित विकल्पों का चयन करें।

जनता से सीधी अपील

एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने सर्वसाधारण से अपील करते हुए कहा कि “कृपया शराब पीकर वाहन न चलाएं। यह न केवल आपके लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी बड़ा खतरा है। सड़क सुरक्षा का ध्यान रखें, यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित विकल्पों का उपयोग करें।”

सुरक्षित यातायात के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध

इस संयुक्त जन-जागरूकता पहल के माध्यम से आम जनमानस से अनुरोध किया गया है कि वे रोड सेफ्टी माह के संदेश को आत्मसात करें, शराब सेवन के बाद स्वयं वाहन न चलाएं, टैक्सी, ऑटो या अन्य सुरक्षित साधनों का प्रयोग करें और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें।परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी प्रवर्तन के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे।

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