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रुड़की ब्लॉक कार्यालय में CDO का ‘अचानक एक्शन’! निरीक्षण में खुली लापरवाही की परतें, अनुपस्थित अधिकारी पर गिरी सीधी गाज,, “बिना छुट्टी गायब मिले सहायक विकास अधिकारी पंचायत, मुख्य विकास अधिकारी ने वेतन रोकने के दिए सख्त निर्देश” — सरकारी कार्यालयों में अनुशासनहीनता पर सख्त दिखे डॉ. ललित नारायण मिश्र,, “योजनाएं फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए” — वीबी जीरामजी योजना, एनआरएलएम और ‘लखपति दीदी’ मिशन में तेजी लाने के निर्देश, अधिकारियों को दी जवाबदेही की चेतावनी,,

रुड़की ब्लॉक कार्यालय में CDO का ‘अचानक एक्शन’! निरीक्षण में खुली लापरवाही की परतें, अनुपस्थित अधिकारी पर गिरी सीधी गाज,,

“बिना छुट्टी गायब मिले सहायक विकास अधिकारी पंचायत, मुख्य विकास अधिकारी ने वेतन रोकने के दिए सख्त निर्देश” — सरकारी कार्यालयों में अनुशासनहीनता पर सख्त दिखे डॉ. ललित नारायण मिश्र,,

“योजनाएं फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए” — वीबी जीरामजी योजना, एनआरएलएम और ‘लखपति दीदी’ मिशन में तेजी लाने के निर्देश, अधिकारियों को दी जवाबदेही की चेतावनी,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- रुड़की: विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने और सरकारी योजनाओं की रफ्तार को गति देने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने विकास खंड कार्यालय रुड़की का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में जो तस्वीर सामने आई, उसने साफ कर दिया कि अब लापरवाही और अनुशासनहीनता पर प्रशासनिक सख्ती और बढ़ने वाली है। निरीक्षण के दौरान एक सहायक विकास अधिकारी पंचायत बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित पाए गए, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने तुरंत नाराजगी जाहिर करते हुए उनका वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंड कार्यालय के विभिन्न पटलों का बारीकी से निरीक्षण किया और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से योजनाओं की स्थिति, क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंचने वाली सेवाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

सबसे ज्यादा सख्ती उस समय दिखाई दी जब सहायक विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। जानकारी लेने पर सामने आया कि संबंधित अधिकारी ने अवकाश भी स्वीकृत नहीं कराया था। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए और साफ कहा कि बिना अनुमति अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने वीबी जीरामजी योजना की समीक्षा करते हुए उसकी प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार द्वारा संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की सुस्ती या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि महिला स्वयं सहायता समूहों को समय पर लाभ उपलब्ध कराया जाए। विशेष रूप से अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ अभियान से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी ने स्वरोजगार योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यक्रमों को गति देने और आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी सुमन कुटियाल सहित अन्य अधिकारी और विकास खंड के कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन के इस औचक निरीक्षण के बाद विकास खंड कार्यालयों में हलचल तेज मानी जा रही है और साफ संकेत है कि अब सरकारी दफ्तरों में “काम नहीं तो जवाब भी देना होगा।”

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