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हरिद्वार में वोटर लिस्ट का महासत्यापन (SIR) शुरू! घर-घर पहुंचेगा निर्वाचन आयोग, एक फॉर्म से तय होगा मतदाता सूची में आपका भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकार “बीएलओ तीन बार तक आपके दरवाजे पर आएगा” — डीएम मयूर दीक्षित की बड़ी अपील, लापरवाही पड़ सकती है भारी, कोई भी मतदाता (SIR) प्रक्रिया से न रहे दूर “15 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची” — हरिद्वार की 11 विधानसभा सीटों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेज, डीएम मयूर दीक्षित ने कि राजनीतिक दलों और जनता से सहयोग की अपील 

हरिद्वार में वोटर लिस्ट का महासत्यापन (SIR) शुरू! घर-घर पहुंचेगा निर्वाचन आयोग, एक फॉर्म से तय होगा मतदाता सूची में आपका भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकार

“बीएलओ तीन बार तक आपके दरवाजे पर आएगा” — डीएम मयूर दीक्षित की बड़ी अपील, लापरवाही पड़ सकती है भारी, कोई भी मतदाता (SIR) प्रक्रिया से न रहे दूर

“15 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची” — हरिद्वार की 11 विधानसभा सीटों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेज, डीएम मयूर दीक्षित ने कि राजनीतिक दलों और जनता से सहयोग की अपील

इन्तजार रजा हरिद्वार ..हरिद्वार जनपद में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने की कवायद माना जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ कहा है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हो, इसके लिए प्रशासन गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचेगा।

डीएम मयूर दीक्षित ने जानकारी दी कि वर्तमान में बीएलओ, ईआरओ, आरओ और अन्य निर्वाचन अधिकारियों का प्रशिक्षण चल रहा है। जून के पहले सप्ताह से बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर पहुंचकर एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे। इस फॉर्म के माध्यम से मतदाता का सत्यापन, विवरणों का मिलान और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि फॉर्म प्राप्त करने के बाद मतदाताओं को उसे सावधानीपूर्वक भरकर निर्धारित समयावधि में वापस जमा करना होगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रक्रिया में लापरवाही करता है तो बाद में उसे अपने नाम, पते या अन्य विवरणों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हर मतदाता को इस अभियान को गंभीरता से लेना चाहिए।

डीएम के अनुसार प्राप्त फॉर्मों की जांच के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद दावा और आपत्ति का अवसर दिया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति का नाम छूट जाता है, गलत दर्ज हो जाता है या किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक है तो वह निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष आवेदन कर सकेगा। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

हरिद्वार जनपद की सभी 11 विधानसभा सीटों में इस अभियान को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रिटर्निंग अधिकारी और निर्वाचन अधिकारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और निर्देश दिए जा चुके हैं।

डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि राजनीतिक दलों को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है। लगातार बैठकों के माध्यम से सभी दलों को अभियान की जानकारी दी जा रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त कर दिए हैं, जो बूथ स्तर पर मतदाताओं और बीएलओ के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीएलओ केवल एक बार नहीं बल्कि आवश्यकता पड़ने पर तीन बार तक घर पहुंचेंगे। यदि पहली बार में कोई मतदाता उपलब्ध नहीं मिलता है तो दोबारा और तीसरी बार भी संपर्क किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया है। जिन व्यक्तियों या उनके माता-पिता और अभिभावकों के नाम उस समय की सूची में मौजूद थे, उनकी मैपिंग की जा रही है। डीएम के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष लोगों के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी भी है। यदि मतदाता सूची सही नहीं होगी तो लोकतांत्रिक व्यवस्था भी प्रभावित होगी। इसलिए जब बीएलओ आपके घर पहुंचे तो पूरा सहयोग करें, सही जानकारी उपलब्ध कराएं और अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल या प्रशासन का नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का अभियान है। जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, उतनी ही अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार होगी।

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