उत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बड़ी शिकायत! एफआईआर और उच्चस्तरीय जांच की मांग से मचा राजनीतिक हलचल,, तीर्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष संत राम विशाल दास महाराज ने संसद मार्ग थाने में दिया प्रार्थना पत्र, अभिजीत दीपके और सहयोगियों की गतिविधियों की जांच की उठाई मांग,, विदेशी फंडिंग, सोशल मीडिया अभियानों और युवाओं को प्रभावित करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की अपील, SIT या केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग,,

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बड़ी शिकायत! एफआईआर और उच्चस्तरीय जांच की मांग से मचा राजनीतिक हलचल,,

तीर्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष संत राम विशाल दास महाराज ने संसद मार्ग थाने में दिया प्रार्थना पत्र, अभिजीत दीपके और सहयोगियों की गतिविधियों की जांच की उठाई मांग,,

विदेशी फंडिंग, सोशल मीडिया अभियानों और युवाओं को प्रभावित करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की अपील, SIT या केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग,,

नई दिल्ली/हरिद्वार। सोशल मीडिया और युवाओं के बीच तेजी से चर्चा में आई तथाकथित “कॉकरोच जनता पार्टी” को लेकर अब विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। तीर्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष संत राम विशाल दास महाराज ने नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में एक विस्तृत प्रार्थना पत्र देकर संगठन और उससे जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” नामक अभियान और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके सहित सहयोगियों द्वारा सोशल मीडिया, वेबसाइटों और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को प्रभावित किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस अभियान की गतिविधियों और प्रचार सामग्री के कारण युवाओं में व्यवस्था, परंपराओं और सामाजिक संस्थाओं के प्रति असंतोष एवं अविश्वास का माहौल उत्पन्न हो सकता है।

शिकायत में विशेष रूप से 6 जून को जंतर-मंतर पर युवाओं के एकत्रीकरण के आह्वान का भी उल्लेख किया गया है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार के अभियानों का उपयोग यदि सामाजिक तनाव, वैमनस्य या अराजक स्थिति पैदा करने के लिए किया जा रहा हो तो उसकी गंभीर जांच आवश्यक है।

संत राम विशाल दास महाराज ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि संगठन से जुड़े व्यक्तियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, विदेशी स्रोतों से प्राप्त धन, क्राउड फंडिंग, डिजिटल भुगतान और आर्थिक स्रोतों की जांच की जाए। साथ ही उनके सोशल मीडिया हैंडल, वेबसाइट, वीडियो, पोस्ट, संदेश और अन्य प्रचार सामग्री का फोरेंसिक परीक्षण कराने की भी मांग की गई है।

प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाए कि कहीं किसी विदेशी एजेंसी, संगठन या अन्य संदिग्ध तत्वों द्वारा प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कोई आर्थिक, तकनीकी या वैचारिक सहयोग तो उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी सक्षम केंद्रीय एजेंसी अथवा विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में कोई विधि-विरुद्ध, राष्ट्रविरोधी अथवा सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधि सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि फिलहाल यह एक शिकायत और जांच की मांग है। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी जांच एजेंसी द्वारा इन आरोपों को प्रमाणित किया गया है। मामले में पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि संसद मार्ग थाना और संबंधित जांच एजेंसियां इस शिकायत पर क्या कदम उठाती हैं और क्या इस मामले में औपचारिक जांच शुरू की जाती है या नहीं।

Related Articles

Back to top button