इन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

हरिद्वार में राशन कार्डों को लेकर महासत्यापन सर्जिकल स्ट्राइक! फर्जी, अपात्र और दोहरा लाभ लेने वालों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, 462 कार्ड निरस्त,, गरीबों के हक पर डाका डालने वालों की खैर नहीं! डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर 20 हजार से अधिक राशन कार्डों की हुई पड़ताल,, 2202 यूनिट भी समाप्त, उत्तराखंड-यूपी दोनों जगह से लाभ लेने वालों की जांच तेज; सत्यापन अभियान से मचा हड़कंप,,

हरिद्वार में राशन कार्डों को लेकर महासत्यापन सर्जिकल स्ट्राइक! फर्जी, अपात्र और दोहरा लाभ लेने वालों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, 462 कार्ड निरस्त,,

गरीबों के हक पर डाका डालने वालों की खैर नहीं! डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर 20 हजार से अधिक राशन कार्डों की हुई पड़ताल,,

2202 यूनिट भी समाप्त, उत्तराखंड-यूपी दोनों जगह से लाभ लेने वालों की जांच तेज; सत्यापन अभियान से मचा हड़कंप,,

हरिद्वार। सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे और गरीबों के हिस्से का अनाज किसी भी कीमत पर अपात्र लोगों तक न जाए, इसे सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार प्रशासन ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में चल रहे विशेष राशन कार्ड सत्यापन अभियान में अब तक 462 राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि 2202 यूनिट भी समाप्त कर दी गई हैं। कार्रवाई के बाद उन लोगों में हड़कंप मचा हुआ है जो वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे थे।

जानकारी के अनुसार शासन को ऐसे मामलों की शिकायतें मिल रही थीं जिनमें उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में कुछ परिवार उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में राशन कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का दोहरा लाभ ले रहे थे। राशन, गैस कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में भी ऐसे मामलों की आशंका जताई गई थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने विशेष सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में हरिद्वार जनपद में गठित टीमों ने 28 अप्रैल 2026 से 8 जून 2026 तक व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान कुल 20,861 राशन कार्डों की जांच की गई। घर-घर जाकर और अभिलेखों का मिलान कर लाभार्थियों की पात्रता की पड़ताल की गई।

जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बड़ी संख्या में ऐसे कार्ड मिले जिनके धारक आर्थिक रूप से सक्षम थे और सरकारी सहायता के पात्र नहीं थे। कुछ मामलों में कार्डधारकों की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि कई लोग वर्षों पहले अन्य स्थानों पर स्थायी रूप से बस चुके थे। इसके बावजूद उनके नाम पर राशन कार्ड सक्रिय थे और योजनाओं का लाभ लिया जा रहा था।

सत्यापन के बाद प्रशासन ने 462 राशन कार्ड निरस्त कर दिए तथा उनसे संबंधित 2202 यूनिट भी समाप्त कर दीं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि सरकार की योजनाएं गरीब, जरूरतमंद और पात्र परिवारों के लिए हैं। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर या दोहरा लाभ लेकर सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की नजर अब विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों पर है, जहां दोहरे लाभ के मामलों की आशंका अधिक है। विभागीय टीमें लगातार रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं और संदिग्ध मामलों की जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि सत्यापन आगे बढ़ने के साथ और भी अपात्र लाभार्थियों की पहचान हो सकती है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार में मृत्यु, स्थान परिवर्तन या पात्रता से जुड़ा कोई बदलाव हुआ है तो उसकी जानकारी तत्काल विभाग को दी जाए। इससे वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

हरिद्वार में चल रहा यह अभियान एक स्पष्ट संदेश है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। प्रशासन ने संकेत दे दिए हैं कि सत्यापन की यह मुहिम लगातार जारी रहेगी और गरीबों के हक पर कब्जा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

Related Articles

Back to top button