उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस माफिया पर STF का महाप्रहार! हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ,, रातभर की कार्रवाई में 7 कूटरचित लाइसेंस और 4 अवैध हथियार बरामद; STF के हाथ लगे ऐसे सबूत जिन्होंने पूरे नेटवर्क की जड़ें हिला दीं,, SSP STF अजय सिंह का दावा— यह साधारण फर्जीवाड़ा नहीं, हथियारों के अवैध अधिग्रहण और इस्तेमाल का संगठित सिंडिकेट; तीन और हथियारों की तलाश जारी,,

उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस माफिया पर STF का महाप्रहार! हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ,,
रातभर की कार्रवाई में 7 कूटरचित लाइसेंस और 4 अवैध हथियार बरामद; STF के हाथ लगे ऐसे सबूत जिन्होंने पूरे नेटवर्क की जड़ें हिला दीं,,
SSP STF अजय सिंह का दावा— यह साधारण फर्जीवाड़ा नहीं, हथियारों के अवैध अधिग्रहण और इस्तेमाल का संगठित सिंडिकेट; तीन और हथियारों की तलाश जारी,,
उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के सहारे अवैध हथियारों का नेटवर्क खड़ा करने वाले गिरोह पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत STF ने ऐसी महत्वपूर्ण बरामदगी की है, जिसने पूरे मामले को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।
इस मामले में नामजद आरोपी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और दानिश को भी बड़ा कानूनी झटका लगा है। गिरफ्तारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से दायर उनकी रिट याचिका और अपील को माननीय उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब STF की कार्रवाई को कानूनी मजबूती मिल गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता भी साफ हो गया है।
STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि 09 और 10 जून की मध्यरात्रि में की गई कार्रवाई पूरे प्रकरण में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण सफलता साबित हुई है। उन्होंने कहा कि जांच की शुरुआत में एजेंसी के पास मुख्य आरोपी सौरभ अग्रवाल और उसके परिजनों से जुड़े केवल तीन शस्त्र लाइसेंसों तथा हथियारों की जानकारी उपलब्ध थी, लेकिन हालिया कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क का दायरा कहीं अधिक बड़ा और गंभीर साबित कर दिया।
अजय सिंह के अनुसार अब STF के कब्जे में इस परिवार से जुड़े कुल सात शस्त्र लाइसेंस और सात हथियारों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य आ चुके हैं। इससे न केवल दर्ज मुकदमे को मजबूती मिली है बल्कि जांच एजेंसियों को इस पूरे सिंडिकेट की गहराई तक पहुंचने के लिए अहम सुराग भी प्राप्त हुए हैं।
रातभर चली कार्रवाई के दौरान STF ने सात अतिरिक्त कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और चार अवैध हथियार बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी पूरे मामले में गेम चेंजर साबित हो सकती है। बरामद दस्तावेजों और हथियारों की जांच से यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि फर्जी लाइसेंसों के माध्यम से हथियार हासिल करने और उन्हें विभिन्न लोगों तक पहुंचाने का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
जांच में सामने आया है कि बरामद किए गए चार हथियारों के अलावा इसी नेटवर्क से जुड़े कम से कम तीन अन्य हथियार अभी भी कुछ व्यक्तियों के कब्जे में हैं। STF को इन हथियारों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं और उनकी बरामदगी के लिए अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
STF की विवेचना में यह भी स्पष्ट होता जा रहा है कि यह कोई सामान्य फर्जी लाइसेंस का मामला नहीं है। जांच एजेंसी को ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर हथियार प्राप्त करने, उनके स्थानांतरण और उपयोग की एक व्यवस्थित प्रक्रिया लंबे समय से संचालित की जा रही थी। इस नेटवर्क में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले, लाइसेंसों की व्यवस्था करने वाले तथा अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि STF की प्राथमिकता केवल हथियार बरामद करना नहीं बल्कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना है। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति, संस्था या गिरोह इस अवैध गतिविधि से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी और अधिक प्रभावी तरीके से जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप चल रही इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियां राज्य की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान मान रही हैं। STF का मानना है कि हालिया बरामदगी से पूरे मामले की दिशा बदल गई है और अब जांच कई नई कड़ियों तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में इस फर्जी लाइसेंस सिंडिकेट से जुड़े कई और नाम सामने आने तथा बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल STF की कार्रवाई ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े तत्वों में हड़कंप मचा दिया है, जबकि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। :::



