हरिद्वार ग्रामीण की मतदाता सूची में फार्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप, जांच की मांग,, 126, 426 और 331 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का दावा; मनोज धनगर ने एसडीएम/ईआरओ निर्वाचन को सौंपा ज्ञापन,, वैध मतदाताओं के नाम सूची से न हटाने और प्रत्येक शिकायत की मौके पर जांच कराने की मांग

हरिद्वार ग्रामीण की मतदाता सूची में फार्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप, जांच की मांग,,
126, 426 और 331 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का दावा; मनोज धनगर ने एसडीएम/ईआरओ निर्वाचन को सौंपा ज्ञापन,,
वैध मतदाताओं के नाम सूची से न हटाने और प्रत्येक शिकायत की मौके पर जांच कराने की मांग
हरिद्वार। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में फार्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता मनोज धनगर ने निर्वाचन अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और किसी भी वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से नहीं हटाने की मांग की है।ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि छह अगस्त 2026 को हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में फार्म-10 में एक आपत्ति दर्ज थी। इसके बाद सात अगस्त को फार्म-7 के माध्यम से 126, आठ अगस्त को 426 और नौ अगस्त को 331 मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास किए जाने का उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आपत्तियां दर्ज की गई हैं, वे अपने-अपने क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं और किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं। ऐसे में शिकायतों की वास्तविकता की जांच किए बिना मतदाता सूची से नाम हटाना उचित नहीं होगा।
बार-बार फार्म-7 दाखिल करने का भी आरोप
ज्ञापन में कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर बार-बार फार्म-7 दाखिल किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसमें जोगेंद्र सिंह, गुरबाज सिंह और आधर्व यादव के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि उनके माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रयास किए गए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने निर्वाचन कार्यालय की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए प्रत्येक आवेदन की नियमानुसार जांच कराने की मांग की है।
मौके पर जांच और संपर्क विवरण की जांच की मांग
मनोज धनगर ने निर्वाचन अधिकारियों से मांग की है कि प्रत्येक फार्म-7 में दर्ज शिकायत की मौके पर जाकर जांच कराई जाए। यदि शिकायत गलत पाई जाती है तो उसे निरस्त करते हुए संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची में यथावत रखा जाए।इसके साथ ही प्रत्येक फार्म-7 में दर्ज मोबाइल नंबर और अन्य संपर्क विवरण की भी जांच कराने की मांग की गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शिकायतें वास्तविक हैं या किसी उद्देश्य से सामूहिक रूप से दाखिल की गई हैं।उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई शिकायत झूठी या भ्रामक पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
‘मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियादी व्यवस्था’
मनोज धनगर ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियादी व्यवस्था है। किसी पात्र और वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाने का प्रयास गंभीर विषय है। उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल गलत या अप्रमाणित शिकायत के आधार पर मतदाता सूची से न हटे। साथ ही यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या जानबूझकर गलत शिकायत करने की बात सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।फिलहाल मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों के स्तर पर है। निर्वाचन अधिकारियों की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही फार्म-7 के माध्यम से लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



